Motihari News: पूर्वी चंपारण जिले में आईसीडीएस के तहत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर गैस सिलेंडर उठाव के लिए राशि नहीं मिलने से गर्म पक्का भोजन योजना प्रभावित होने लगी है. गैस मद का भुगतान लंबित रहने के कारण सेविका एवं सहायिकाओं को निजी स्तर पर व्यवस्था करनी पड़ रही है. कई केंद्रों पर उधार में गैस सिलेंडर भरवाकर बच्चों के लिए भोजन तैयार कराया जा रहा है.
5,598 आंगनबाड़ी केंद्रों पर असर
जिले में आईसीडीएस के तहत 5,598 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जहां प्रतिदिन करीब 2.50 लाख बच्चों को गर्म पक्का भोजन उपलब्ध कराया जाता है. इसके अलावा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को भी पोषण संबंधी सेवाएं दी जाती हैं. गैस मद की राशि समय पर उपलब्ध नहीं होने से केंद्रों के नियमित संचालन पर असर पड़ने लगा है.
सेविकाएं निजी स्तर पर कर रही हैं व्यवस्था
सेविकाओं का कहना है कि गैस सिलेंडर का भुगतान नहीं होने के कारण उन्हें अपने स्तर से व्यवस्था करनी पड़ रही है. कई स्थानों पर उधार में सिलेंडर भरवाकर भोजन तैयार कराया जा रहा है, जबकि कुछ केंद्रों पर स्थिति लगातार कठिन होती जा रही है. उनका कहना है कि निजी संसाधनों से लंबे समय तक व्यवस्था बनाए रखना संभव नहीं है.
राशि मिलने के बाद ही होगा भुगतान
जिला आईसीडीएस कार्यालय ने भी गैस मद में राशि उपलब्ध नहीं होने की पुष्टि की है. विभागीय अधिकारियों के अनुसार फिलहाल जिला स्तर पर गैस सिलेंडर उठाव के लिए कोई आवंटन उपलब्ध नहीं है. आईसीडीएस निदेशालय, पटना से राशि प्राप्त होने के बाद ही सेविका-सहायिकाओं के बैंक खातों में भुगतान किया जाएगा.
बच्चों के भोजन पर बढ़ सकता है असर
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यदि शीघ्र राशि उपलब्ध नहीं कराई गई तो कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्म पक्का भोजन योजना के नियमित संचालन में परेशानी आ सकती है. इससे बच्चों और लाभार्थियों को मिलने वाली पोषण सेवाएं भी प्रभावित होने की आशंका है.
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