Motihari News: मोतिहारी. मोतिहारी सदर बाल विकास परियोजना अंतर्गत संचालित 96 आंगनबाड़ी केंद्रों के लाभार्थियों को लगातार दो माह से पोषाहार नहीं मिलने की बात सामने आ रही है. पोषाहार का वितरण बाधित रहने से केंद्रों से जुड़े बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के सामने पोषण को लेकर परेशानी की स्थिति बन गयी है. एक आंगनबाड़ी केंद्र पर औसतन करीब 40 लाभार्थी मानें तो लगभग 3,800 से अधिक लाभार्थी प्रभावित हो सकते हैं, हालांकि वास्तविक संख्या पोषण ट्रैकर में दर्ज लाभार्थियों के आधार पर ही स्पष्ट होगी.
96 केंद्रों पर दो माह से पोषाहार वितरण बाधित
मोतिहारी सदर परियोजना के तहत संचालित 96 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पिछले दो माह से पोषाहार का वितरण नहीं होने की बात सामने आयी है. इससे इन केंद्रों से जुड़े लाभार्थियों को मिलने वाला नियमित पोषण प्रभावित हुआ है.
खासकर छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों से मिलने वाला पोषाहार महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे में लंबे समय तक वितरण बाधित रहने से लाभार्थियों की परेशानी बढ़ने की बात कही जा रही है.
3800 से अधिक लाभार्थी प्रभावित होने की आशंका
एक आंगनबाड़ी केंद्र पर औसतन करीब 40 लाभार्थी मानने पर 96 केंद्रों से 3,800 से अधिक लाभार्थी प्रभावित हो सकते हैं. इनमें बच्चे, गर्भवती महिलाएं और धात्री माताएं शामिल हैं.
हालांकि यह केवल औसत संख्या के आधार पर लगाया गया अनुमान है. वास्तविक लाभार्थियों की संख्या पोषण ट्रैकर में दर्ज आंकड़ों के आधार पर ही स्पष्ट होगी.
टेक होम राशन के जरिए मिलता है पोषाहार
सरकार की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लाभार्थियों को नियमित रूप से टेक होम राशन यानी टीएचआर उपलब्ध कराया जाता है. इसका उद्देश्य बच्चों और महिलाओं को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराना है.
पोषाहार वितरण में लगातार दो माह की देरी होने से योजना के नियमित क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठ रहे हैं. लाभार्थियों को समय पर पोषाहार उपलब्ध कराना इस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
आखिर दो माह तक क्यों नहीं पहुंचा पोषाहार?
96 केंद्रों पर दो माह से पोषाहार वितरण बाधित रहने के पीछे स्पष्ट कारण अब तक सामने नहीं आया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पोषाहार की आपूर्ति में समस्या थी या वितरण व्यवस्था के स्तर पर किसी तरह की अड़चन आयी.
गरीब परिवारों के बच्चों और महिलाओं के लिए आंगनबाड़ी से मिलने वाला पोषाहार महत्वपूर्ण होने के कारण विभाग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जा रही है.
कुपोषण मुक्त समाज के लक्ष्य पर भी उठ रहे सवाल
आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराने का उद्देश्य पोषण स्तर में सुधार करना है. ऐसे में दो माह तक पोषाहार नहीं मिलने की स्थिति से योजना के उद्देश्य पर भी सवाल उठ रहे हैं.
लाभार्थियों का कहना है कि पोषाहार की नियमित आपूर्ति जरूरी है, ताकि बच्चों और महिलाओं को योजना का वास्तविक लाभ मिल सके.
प्रभारी सीडीपीओ ने जल्द वितरण का दिया भरोसा
मामले में मोतिहारी सदर की प्रभारी सीडीपीओ शिप्रा वर्मा ने कहा कि उन्होंने अभी नया प्रभार लिया है. उनके अनुसार, पोषाहार से संबंधित प्रक्रिया पहले से लंबित थी, लेकिन अब लगभग सभी प्रक्रियाएं पूरी हो गयी हैं.
उन्होंने कहा कि जल्द ही पोषाहार का वितरण शुरू होगा. विभाग की ओर से लंबित प्रक्रिया पूरी कर लाभार्थियों तक पोषाहार पहुंचाने की तैयारी की जा रही है.
आपूर्ति में देरी का कारण स्पष्ट होना जरूरी
पोषाहार वितरण जल्द शुरू होने की बात कही गयी है, लेकिन दो माह तक आपूर्ति बाधित रहने के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है. लाभार्थियों और संबंधित परिवारों को उम्मीद है कि अब वितरण व्यवस्था नियमित होगी और उन्हें समय पर पोषाहार मिल सकेगा.
यह भी पढ़ें: बेतिया में 1090 शिक्षकों का तबादला, 60% को पहली 15 पसंद में मिला स्कूल; 15 सितंबर तक दे सकते हैं आपत्ति
