Motihari News: बंजरिया में आसमान से बरसती गर्मी और उमस के बीच बंजरिया प्रखंड की अजगरी पंचायत के वार्ड संख्या 05 और 06 में बिजली संकट गहरा गया है. ग्रामीणों के अनुसार पिछले तीन दिनों से ट्रांसफार्मर का फेज बार-बार उड़ रहा है और केबल तारों में आग लग रही है. स्थानीय स्तर पर मरम्मत के बाद कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बहाल होती है, लेकिन लोड बढ़ते ही दो से चार घंटे के भीतर फिर फेज उड़ने या केबल जलने की समस्या शुरू हो जाती है. इससे ग्रामीणों में बिजली कटौती के साथ अगलगी की आशंका को लेकर भी दहशत है.
जर्जर ट्रांसफार्मर और केबल से बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि वार्डों में पुराने ट्रांसफार्मर और कमजोर केबल के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है. बार-बार केबल जलने से आसपास के घरों में भी आग लगने का खतरा बना रहता है. भीषण गर्मी और उमस में लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
सांसद की अनुशंसा के बाद भी नया ट्रांसफार्मर नहीं लगने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्रीय सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने 31 अगस्त 2025 को दोनों वार्डों की बिजली व्यवस्था को देखते हुए नया ट्रांसफार्मर लगाने की अनुशंसा की थी. इसके बाद ग्रामीणों ने लोक शिकायत निवारण कार्यालय में भी शिकायत दर्ज करायी. ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की ओर से 25 सितंबर 2025 को पत्रांक 53 के माध्यम से दी गयी रिपोर्ट में वार्ड में नया ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाने की जानकारी दी गयी थी.
कागज पर ट्रांसफार्मर लगाने की रिपोर्ट का ग्रामीणों ने उठाया सवाल
ग्रामीणों का दावा है कि विभागीय रिपोर्ट में नया ट्रांसफार्मर लगाए जाने की बात कही गयी, लेकिन धरातल पर आज तक नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया है. उनका कहना है कि पुराने ट्रांसफार्मर और जर्जर केबल के कारण ही बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है और तारों में आग लग रही है. ग्रामीणों ने विभागीय रिपोर्ट की जांच कराने की मांग की है.
24 घंटे में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
बिजली संकट को लेकर ग्रामीणों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है. ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द जर्जर केबल को बदलकर नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया तो मामले की जानकारी वरीय अधिकारियों को दी जाएगी. साथ ही कथित तौर पर गलत रिपोर्ट देने वाले अधिकारियों की जांच और कार्रवाई की मांग की जाएगी. ग्रामीणों का कहना है कि बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
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