Motihari News: पिछले दो-तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने मोतिहारी शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है. चंदमारी, मठिया और अगरवा समेत कई प्रमुख इलाके जलमग्न हैं. सबसे बदतर स्थिति अगरवा मुख्य मार्ग की है, जहां प्रवेश स्थान से सर्वोदय स्कूल के आगे तक करीब तीन दिनों से डेढ़ फीट तक पानी जमा है. इससे वार्ड संख्या 37 और 38 की करीब छह से सात हजार की आबादी प्रभावित है.
तीन दिनों से झील में तब्दील है अगरवा मुख्य मार्ग
अगरवा मुख्य मार्ग पर जलजमाव के कारण लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है. स्थानीय निवासियों, स्कूली बच्चों और राहगीरों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है. पानी की अधिक गहराई के कारण सड़क पर दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश थमने के बावजूद जल निकासी नहीं होने से समस्या लगातार बनी हुई है.
नाले पर अतिक्रमण को बताया मुख्य वजह
स्थानीय निवासियों के अनुसार अगरवा में जलजमाव का प्रमुख कारण मुख्य नाले पर बड़े पैमाने पर किया गया अतिक्रमण है. उनका कहना है कि नाले का प्राकृतिक बहाव बाधित होने के कारण बारिश का पानी तेजी से बाहर नहीं निकल पा रहा है.
इसके अलावा मोहल्ले में संचालित गिट्टी और बालू की दुकानों से सामग्री बहकर नालों में पहुंचने का भी आरोप लगाया गया है. इससे नालियां जाम होने के कारण जल निकासी और प्रभावित हो रही है.
नाला सफाई के दावों के बीच धरातल पर जलजमाव
नगर निगम की ओर से नालों की उड़ाही और सफाई कराने के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन अगरवा की मौजूदा स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जाम नालों के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है.
जलजमाव से सबसे अधिक परेशानी वार्ड 37 और 38 के निवासियों को उठानी पड़ रही है. लोगों ने जल निकासी की स्थायी व्यवस्था के साथ नाले से अतिक्रमण हटाने की मांग की है.
क्यूआरटी बनी, लेकिन राहत पर सवाल
नगर निगम ने जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) का गठन किया है. निगम का दावा है कि जलजमाव की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंचकर पानी की निकासी का काम करती है.
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि अगरवा जैसे प्रभावित इलाकों में इसका अपेक्षित असर दिखाई नहीं दे रहा है. तीन दिनों से मुख्य मार्ग पर पानी जमा रहने के कारण लोगों में नाराजगी बढ़ रही है.
जल निकासी नहीं हुई तो बढ़ेगी परेशानी
लगातार जलजमाव के कारण आम जनजीवन प्रभावित होने के साथ सड़क पर दुर्घटना और गंदगी से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी बना हुआ है. स्थानीय लोगों ने नगर निगम से जल्द पानी की निकासी कराने, नालों की सफाई और अतिक्रमण हटाने की मांग की है.
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार संवेदनशील वार्डों में जल निकासी के लिए अभियान चलाया जा रहा है. हालांकि अगरवा में स्थिति सामान्य होने का स्थानीय लोगों को अब भी इंतजार है.
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