Motihari DM action: मोतिहारी जिले में सरकारी कार्यों के प्रति उदासीनता और बार-बार निर्देश देने के बावजूद प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने वाले लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है. बंजरिया अंचल को छोड़कर जिले के अन्य सभी 26 अंचलों के अंचल अधिकारियों यानी सीओ और सभी 15 राजस्व पदाधिकारियों का वेतन अगले आदेश तक पूरी तरह से स्थगित कर दिया गया है. इस सख्त प्रशासनिक कार्रवाई से जिले के महकमे में हड़कंप मच गया है.
Salary stopped CO Motihari: सीडब्ल्यूजेसी, एमजेसी और राजस्व महाअभियान के कार्यों में भारी लापरवाही
अपर समाहर्त्ता मुकेश कुमार सिन्हा द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीडब्ल्यूजेसी एवं एमजेसी मामलों की अद्यतन स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा की गई. समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि बार-बार सख्त निर्देश दिए जाने के बावजूद बंजरिया को छोड़कर अन्य किसी भी अंचल से समय पर प्रतिवेदन प्राप्त नहीं हुआ है. इसके अलावा राजस्व महाअभियान की समीक्षा में भी कार्यों की प्रगति बेहद असंतोषजनक पाई गई.
अभियान बसेरा के तहत भूमि की सूची नहीं कर पाए अपडेट
समीक्षा बैठक में यह बात खुलकर सामने आई कि अभियान बसेरा के तहत वितरित की गई भूमि और सरकारी भूमि की सही सूची अब तक तैयार नहीं की जा सकी है. अंचल अधिकारियों तथा राजस्व पदाधिकारियों द्वारा इन महत्वपूर्ण कार्यों में बिल्कुल भी रुचि नहीं ली जा रही है. प्रशासन ने इसे सीधे तौर पर कार्य के प्रति उदासीनता, स्वेच्छाचारिता और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की खुली अवहेलना माना है.
डीएम ने मांगा 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण, तय समय पर जवाब न देने पर होगी कड़ी कार्रवाई
जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने बंजरिया अंचलाधिकारी को छोड़कर शेष सभी 26 अंचलों के सीओ और 15 राजस्व पदाधिकारियों का वेतन रोकने का निर्देश जारी किया है. संबंधित अधिकारियों को पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है. स्पष्टीकरण में यह बताना होगा कि सरकारी कार्यों में लापरवाही बरतने के लिए उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई क्यों न की जाए
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