मोतिहारी आंगनबाड़ी केंद्र: जिले में संचालित 5,598 आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन की समस्या दूर करने की कवायद तेज हो गयी है. विभाग ने भवनविहीन केंद्रों के लिए जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी विश्वासभाजन ने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (सीडीपीओ) को पत्र जारी कर एक सप्ताह के भीतर आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित करने का निर्देश दिया है.
अंचल कार्यालय से समन्वय कर होगी जमीन की पहचान
जारी पत्र में कहा गया है कि जिलाधिकारी के निर्देश के आलोक में आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए जमीन चिह्नित की जानी है. इसके लिए सभी सीडीपीओ को अपने-अपने क्षेत्र के अंचल कार्यालय से समन्वय स्थापित करने को कहा गया है.
विभाग ने स्पष्ट किया है कि पत्र प्राप्त होने के एक सप्ताह के अंदर उपयुक्त भूमि की पहचान कर रिपोर्ट उपलब्ध करानी होगी. इसके बाद चिह्नित जमीन के आधार पर भवन निर्माण को लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.
भवनविहीन केंद्रों का आंकड़ा भी जुटेगा
विभाग के इस निर्देश से जिले के भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है. हालांकि, वर्तमान में जिले में कितने आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अपना भवन है और कितने केंद्र भवनविहीन हैं, इसका विस्तृत आंकड़ा जुटाया जा रहा है.
वर्ष 2023 में अरेराज प्रखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति से भवन की समस्या का अंदाजा लगाया जा सकता है. उस समय प्रखंड के 174 केंद्रों में करीब 50 के पास ही भवन उपलब्ध था, जबकि बड़ी संख्या में केंद्र भवनविहीन थे.
बच्चों को मिलेगी बेहतर सुविधा
आंगनबाड़ी केंद्रों पर छोटे बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं संचालित होती हैं. ऐसे में स्थायी भवन उपलब्ध होने से बच्चों और सेविकाओं को बेहतर माहौल मिलने की उम्मीद है. साथ ही केंद्रों के संचालन में भी सुविधा होगी.
प्रभारी आईसीडीएस डीपीओ निधि कुमारी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भवन की उपलब्धता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है. जिन केंद्रों के लिए भवन निर्माण हेतु भूमि की जरूरत है, वहां अंचल कार्यालय से समन्वय कर जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है. निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.
यह भी पढे़ं:
सप्तक्रांति एक्सप्रेस के पार्सल वैन में अचानक बजा फायर अलार्म: मोतिहारी से मुजफ्फरपुर तक मची हलचल
