Motihari: जिले के 22 साइबर बदमाशों की बनायी गयी लिस्ट, गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी

जिले में साइबर फ्रॉडों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है.

मोतिहारी . जिले में साइबर फ्रॉडों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. शहर के अलग-अलग जगहों से 16 जून को 30 लाख कैश, हथियार सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस के साथा पांच साइबर बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस तेज गति से अनुसंधान कर रही है. अबतक इस गिरोह के 22 सक्रिय बदमाशों की पुलिस ने लिस्ट बनायी है. जिसमे रोहित कुमार, सुरज कुमार, अभिनेश कुमार सहित अन्य का नाम है. अधिकांश बदमाश इसी जिले के है. उनके बैंक अकाउंट में लाखों रूपये के ट्रांजेक्शन का सबूत मिला है. पुलिस का कहना है कि जिन बदमाशों को चिन्हिंत किया गया है, वह न तो नौकरी पेशा वाले है, न ही उनका अपना कोई बिजनेश है. ऐसे में उनके अकाउंट में लाखों रूपये के ट्रांजेक्शन का मतलब है कि वह पैसा फ्रॉड का है. साइबर डीएसपी अभिनव पराशर ने बताया कि चिन्हित बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. उन्होंन यह भी बताया कि शहर व उसके आसपास के 30 प्रतिशन नौजवान साइबर क्राइम की दलदल में फंस चुके है. पॉकेट खर्च, किमती मोबाइल, ब्रांडेड कपड़े व जुत्ते, लग्जरी कार व बाइक की चकाचौंध में फंस साइबर क्राइम को बढावा दे रहे है. उन्होंने यह भी कहा कि अनुसंधान चल रहा है. जैसे-जैसे पुलिस की कार्रवाई आगे बढेगी, वैसे-वैसे बनायी गयी साइबर बदमाशों की लिस्ट लम्बी होती जायेगी.

अम्बिका नगर से एक संदिग्ध को पुलिस ने उठाया, चल रही पूछताछ

मोतिहारी . बंजरिया अम्बिका नगर मोहल्ला से साइबर थाने की पुलिस ने एक संदिग्ध को उठाया है. उससे पूछताछ चल रही है. बताया जाता है कि फ्रॉड किये गये पैसों को जिस बैंक अकाउंट में डाला गया है, उस अकाउंट में किसी दुसरे व्यक्ति का मोबाइल नम्बर व आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया है. साइबर डीएसपी अभिनव पराशर ने बताया कि फ्रॉड का पैसा एक कंपनी के खाते आया है, जबकि उस खाते में एक किराना दुकानदार का मोबाइल नम्बर व आधार कार्ड जुड़ा है. इसके आधार पर किराना दुकानदार को पकड़ पूछताछ की जा रही है. उन्होंने यह भी बताया कि उक्त कंपनी का खाता चांदमारी एसबीआई ब्रांच में है. बैंक को नोटिस भेजा गया है. पूछा गया है कि उक्त खाते में जो पैसा आया है, वह कहा से किसके द्वारा भेजा गया है. साथ ही पैसा किसने निकाला है. जैसे-जैसे अनुसंधान आगे बढ रहा है, वैसे-वैसे चौकाने वाली बाते सामने आ रही है. कई सफेद कॉलर वाले भी फ्रॉड गिरोह से जुड़े हुए है, उनका चेहरा भी बेनकाब किया जायेगा.

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Published by: Ranjeet thakur

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