Special Education Package: बिहार में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने केंद्र से मदद मांगी है. शिक्षा मंत्री ने केंद्र से 7,900 करोड़ रुपये के विशेष शिक्षा पैकेज की मांग की है. जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी इंप्लीटेशन और बिहार की बढ़ती शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए यह मांग की गई.
बैठक में शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?
नई दिल्ली नई दिल्ली के आईसीएआर सभागार में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में शुरू हुई दो दिवसीय प्रगति समीक्षा बैठक हुई. बैठक में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मांग रखते हुए कहा कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए केंद्र के विशेष सहयोग की आवश्यकता है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों को समय से हासिल करने के लिए आधारभूत संरचना, डिजिटल शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण और संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में बड़े निवेश की जरुरत है.
यहां रुपये किए जायेंगे खर्च?
आगे उन्होंने यह भी कहा, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के भवनों, अतिरिक्त कक्षाओं, कंप्यूटर प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों आदि के विकास के लिए 3000 करोड़ रुपये की विशेष केंद्रीय सहायता मांगी. आकांक्षी जिलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, स्मार्ट क्लास आदि को मजबूत करने के लिए 2000 करोड़ रुपये का अनुरोध किया. डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 1000 करोड़ रुपये की सहायता की मांग की. संस्कृत शिक्षा के सुदृढ़ीकरण पर भी बिहार सरकार ने विशेष जोर दिया.
मिल सकता है ये फायदा
ऐसे में अब क्या केंद्र सरकार बिहार की इस मांग को मंजूरी देगी या नहीं यह देखने वाली बात होगी? यदि यह विशेष पैकेज स्वीकृत होता है, तो आने वाले वर्षों में राज्य के लाखों विद्यार्थियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं, आधुनिक शिक्षा और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिल सकता है. माना जा रहा है कि यह फैसला बिहार की शिक्षा व्यवस्था की दिशा और दशा तय करने में अहम साबित हो सकता है.
