Bihar News: बिहार में प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के लाभुकों की जांच में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है. केंद्र सरकार के जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) और पीएम-किसान के आधार डाटाबेस के मिलान में 2.45 लाख ऐसे लाभुक चिह्नित किए गए हैं, जिनके परिवार के एक से अधिक सदस्य योजना का लाभ ले रहे हैं.
इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए केंद्र ने ऐसे सभी लाभुकों का भुगतान तुरंत रोकने और राज्य सरकार को इसका फिज़िकल वेरीफिकेशन कराने का सख्त निर्देश दिया है. जांच के लिए सूची जिलों को भेज दी गयी है. केंद्र सरकार के निर्देश पर कृषि विभाग के प्रधान सचिव ने राज्य के सभी जिलों और पीएम किसान सम्मान योजना कोषांग को इसका फिज़िकल वेरीफिकेशन कराने का निर्देश दिया है.
1.30 लाख लाभुकों के भुगतान पर संकट
राज्यभर में 1 लाख 30 हजार 308 किसानों का आधार सीडिंग और एनपीसीआइ अभी लंबित है. पीएम किसान सम्मान योजना का लाभ पाने के लिए आधार सीडिंग और एनपीसीआइ कराना जरूरी है. अगर, ये दोनों प्रक्रिया नहीं हुई तो भुगतान भी रूकने की संभावना है. इसे देखते हुए कृषि विभाग के प्रधान सचिव ने राज्य के सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को इन किसानों को आधार व एनपीसीआइ कराने की सूचना देने का निर्देश दिया है.
बिना फिज़िकल वेरीफिकेशन 4.63 लाख लोग ले रहे लाभ
केंद्र सरकार ने राज्य के 4 लाख 63 हजार 341 लोगों की सूची भेजी है, जिनका फिज़िकल वेरीफिकेशन नहीं हुआ है. वित्तीय वर्ष 2022-23 के तहत 2,29,048 और वित्तीय वर्ष 2023-24 में 2,34,293 लोगों का फिज़िकल वेरीफिकेशन नहीं हुआ है. कृषि विभाग के प्रधान सचिव ने एक माह के अंदर इसका भौतिक सत्यापन कराने का निर्देश सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को दिया है. पीएम-किसान जीओआइ एप से इसका वेरीफिकेशन करवाया जायेगा.
राज्य में किसान योजना से लाभ लेने वाले 73.34 लाख लोग
राज्य में कुल 73.34 लाख से अधिक प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के लाभुक हैं. इस योजना के तहत किसानों को साल में छह हजार रुपये मिलते हैं. दो-दो हजार के तीन किस्तों में योजना राशि मिलती है. योजना के शुरू होने से अब तक 22वीं किस्त का भुगतान किसानों को किया गया है.
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