मधुबनी: बेनीपट्टी में दो बाइक की आमने-सामने टक्कर में युवक की मौत, पसरा मातम

मधुबनी के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र में दो बाइक की आमने-सामने टक्कर में 18 वर्षीय मयंक चौधरी की मौत हो गई. दूध लाने निकला युवक घर से कुछ ही दूरी पर हादसे का शिकार हो गया. घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध जताया. पढ़ें पूरी खबर...

बेनीपट्टी (मधुबनी) से धनंजय कुमार धीरज की रिपोर्ट

Madhubani News: मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के गैवीपुर गांव के पास बेनीपट्टी-उमगांव मुख्य सड़क पर रविवार देर शाम दो बाइक की आमने-सामने टक्कर में एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई. हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया.

मृतक की पहचान गैवीपुर गांव निवासी शंकर चौधरी के 18 वर्षीय पुत्र मयंक चौधरी के रूप में हुई है.

दूध लाने निकला था युवक

मिली जानकारी के अनुसार मयंक चौधरी रोज की तरह रविवार शाम नंदी भौजी चौक के पास से अपने घर के लिए दूध लाने निकला था. घर से महज 200 से 300 मीटर आगे बढ़ते ही सामने से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए.

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

धमाके जैसी आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे. उस समय मयंक खून से लथपथ सड़क पर पड़ा था, जबकि दूसरी बाइक सवार भी घायल अवस्था में था.

स्थानीय लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए मयंक को एम्बुलेंस से बेनीपट्टी अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.

सड़क जाम कर ग्रामीणों ने जताया आक्रोश

युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों के बीच चीख-पुकार मच गई. घटना से नाराज ग्रामीणों ने मुआवजे और यातायात व्यवस्था को लेकर सड़क जाम कर दिया, जिससे कुछ समय तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा.

सूचना मिलते ही बेनीपट्टी थानाध्यक्ष शिवशरण साह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने लोगों को समझा-बुझाकर तथा उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया.

पोस्टमार्टम को लेकर परिजनों ने जताई आपत्ति

सड़क जाम समाप्त कराने के बाद पुलिस मृतक के घर पहुंची. पुलिस जब कानूनी प्रक्रिया के तहत शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी कर रही थी, तब परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया.

पुलिस परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रही थी ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके.

इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मयंक अपने भाई-बहनों में इकलौता पुत्र और सबसे छोटा था. उसकी मां आंगनबाड़ी सेविका हैं, जबकि पिता दिल्ली में रहते हैं.

इकलौते बेटे की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. मां समेत सभी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. घटना के बाद पूरे गैवीपुर गांव में शोक और सन्नाटे का माहौल है.

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लेखक के बारे में

Published by: Sarfaraz Ahmad

सरफराज अहमद IIMC से प्रशिक्षित पत्रकार हैं. राजनीति, समाज और हाइपरलोकल मुद्दों पर लिखते हैं. क्रिकेट और सिनेमा में गहरी रुचि रखते हैं. बीते तीन वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत हैं।

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