World Population Day 2026: विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल में परिवार नियोजन मेले का आयोजन किया गया. मेले का उद्देश्य योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों की जानकारी देना, जनजागरूकता बढ़ाना और गुणवत्तापूर्ण परिवार नियोजन सेवाओं तक अधिक से अधिक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करना रहा.
परिवार नियोजन मेले का हुआ उद्घाटन
परिवार नियोजन मेले का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार, प्रभारी एसीएमओ डॉ. एसएन झा तथा डीपीएम पंकज कुमार मिश्रा ने किया. इस दौरान परिवार नियोजन से संबंधित अस्थायी एवं स्थायी साधनों की जानकारी दी गई और लाभार्थियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार परामर्श एवं सेवाएं उपलब्ध कराई गईं.
मेले में कंडोम, कॉपर-टी, अंतरा, माला-डी सहित विभिन्न परिवार नियोजन साधनों के स्टॉल लगाए गए, जहां लाभार्थियों को सामग्री का वितरण भी किया गया.
दो बच्चों के बीच तीन साल का अंतराल जरूरी : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि विश्व जनसंख्या दिवस 2026 की थीम "युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को साकार करना – आज और भविष्य के लिए" है.
उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन पखवाड़ा के दौरान एक बच्चे वाले दंपतियों की काउंसिलिंग की गई है और उन्हें दूसरे बच्चे के जन्म से पहले कम से कम तीन वर्ष का अंतराल रखने की सलाह दी गई है. इससे जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ रहते हैं तथा बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बेहतर होती है.
उन्होंने नवविवाहित दंपतियों को 20 वर्ष की आयु के बाद पहले बच्चे की योजना बनाने की सलाह भी दी.
वैकल्पिक उपाय भी पूरी तरह सुरक्षित
प्रभारी एसीएमओ डॉ. एसएन झा ने कहा कि परिवार नियोजन पखवाड़ा के तहत सरकारी अस्पतालों में लगाए गए स्टॉलों पर कंडोम, कॉपर-टी और अंतरा सहित अन्य अस्थायी साधनों का वितरण किया गया.
उन्होंने बताया कि जिन महिलाओं के लिए परिवार नियोजन ऑपरेशन उपयुक्त नहीं है, उन्हें छाया, अंतरा, कॉपर-टी और अन्य सुरक्षित वैकल्पिक उपायों की जानकारी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि ये सभी उपाय सुरक्षित हैं और इनके उपयोग को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है.
31 जुलाई तक चलेगा जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा 31 जुलाई तक मनाया जाएगा. इससे पहले परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए दंपति संपर्क पखवाड़ा भी आयोजित किया गया.
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार, प्रभारी एसीएमओ डॉ. एसएन झा, डीपीएम पंकज कुमार मिश्रा, पिरामल के धीरज सिंह, डीपीसी प्रदीप कुमार यादव सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे.
