श्रम कल्याण दिवस के अवसर पर गुरुवार को सेमिनार हॉल में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. श्रम अधीक्षक रतीश कुमार की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गयी. शिविर में श्रमिकों को श्रम कानून, उनके अधिकार और सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गयी.
प्रवासी मजदूरों के लिए है विशेष व्यवस्था
श्रम अधीक्षक ने बताया कि बिहार प्रवासी कामगार ऐप के माध्यम से राज्य से बाहर काम करने वाले श्रमिकों का पंजीकरण किया जा रहा है. इसका उद्देश्य प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और जरूरत के समय उन्हें सहायता उपलब्ध कराना है.
उन्होंने बताया कि पंजीकृत प्रवासी श्रमिकों को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता का प्रावधान है. दुर्घटना में आंशिक अपंगता होने पर 50 हजार रुपये और पूर्ण अपंगता की स्थिति में एक लाख रुपये की सहायता दी जाती है. वहीं, श्रमिक की मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान बताया गया.
निर्माण श्रमिकों से पंजीकरण की अपील
शिविर में अधिकारियों ने निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों से नए पोर्टल और लेबर चौक न्यू ऐप पर जल्द पंजीकरण कराने की अपील की. अधिकारियों ने कहा कि पंजीकरण के माध्यम से श्रमिकों को संबंधित सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेने में मदद मिलेगी.
श्रमिकों को अपने अधिकारों और योजनाओं की जानकारी रखने के साथ जरूरी दस्तावेजों के साथ पंजीकरण कराने के लिए भी जागरूक किया गया.
बाल श्रम और नशे के खिलाफ दिया संदेश
कार्यक्रम में बाल श्रम रोकने और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने पर भी जोर दिया गया. अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को कम उम्र में काम में लगाने के बजाय उन्हें स्कूल भेजना जरूरी है. इसके साथ ही समाज को नशामुक्त बनाने का संदेश भी दिया गया.
शिविर में विभिन्न प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी और श्रमिक संघों के प्रतिनिधि मौजूद रहे. इस दौरान श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की जानकारी दी गयी.
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