लखनौर /झंझारपुर. नगर परिषद क्षेत्र में नल-जल योजना बदहाल बना हुआ है. घर-घर नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना आज अव्यवस्था और लापरवाही की भेंट चढ़ गया है. हाल यह है कि न जलापूर्ति का कोई तय समय है और न ही लोगों को भरोसेमंद ढंग से पानी मिल पा रहा है. नगर परिषद क्षेत्र में नल से पानी कभी भी और बिना किसी पूर्व सूचना के आने लगता है, तो कभी अचानक बंद हो जाता है. मजबूरन लोग पानी के इंतजार में नलके की टोटी खोलकर छोड़ देते हैं. जब सप्लाई आती है तो टंकी भरने से पहले ही बंद हो जाता है. वहीं, खुले नल के कारण पानी की बर्बादी भी हो रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कभी दो दिनों के अंतराल पर कुछ घंटों के लिए जलापूर्ति होती है, तो कभी दोपहर के समय अचानक नल से पानी निकलने लगता है. जब तक लोग बर्तन और टंकी लेकर तैयार होते हैं, तब तक सप्लाई बंद हो जाता है. नतीजतन, लोगों को पीने के पानी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ती है. बेलारही के दिनेश मंडल, वार्ड10 के रामरूप सदाय, वार्ड 5 के प्रवेश कुमार, वार्ड 14 के सरोज चौधरी सहित कई लोगों ने कहा कि यदि जलापूर्ति का समय तय कर सार्वजनिक रूप से घोषित कर दिया जाए, तो न केवल पानी की बर्बादी रुकेगी बल्कि लोगों को भी राहत मिलेगी. दूसरी ओर, नगर परिषद के कई वार्डों में पाइपलाइन लीकेज की समस्या भी आम हो गया है. कार्यपालक पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि ठंड के मौसम में सुबह और शाम, जबकि गर्मी के मौसम में सुबह, दोपहर और शाम तीनों समय दो-दो घंटे जलापूर्ति का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि शिकायतें लगातार मिल रही हैं. नियमित जलापूर्ति और लीकेज की निगरानी के लिए एक कर्मी रमन कुमार मंडल को जिम्मेदारी दी जा रही है. साथ ही, वार्डों में जलापूर्ति के समय की जानकारी पानी की टंकी पर लिखवाई जाएगी. ताकि लोगों को समय की स्पष्ट जानकारी मिल सके.
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