विद्यापति की जन्मस्थली का होगा कायाकल्प

कवि कोकिल विद्यापति की जन्मस्थली बिस्फी डीह का कायाकल्प होगा. विद्यापति स्मारक भवन एवं जन्मस्थली को पर्यटन केंद्र का दर्जा शीघ्र मिलने की संभावना है.

बिस्फी. कवि कोकिल विद्यापति की जन्मस्थली बिस्फी डीह का कायाकल्प होगा. विद्यापति स्मारक भवन एवं जन्मस्थली को पर्यटन केंद्र का दर्जा शीघ्र मिलने की संभावना है. यह जानकारी ग्लोबल मैथिली के संचालक राजकुमार झा ने दी है. कहा है कि पर्यटन विभाग इस दिशा में कार्य तत्काल शुरू कर दिया है. पर्यटन विभाग बिस्फी डीह के विकास के लिए प्रथम कड़ी में 50 करोड रुपए से अधिक की डीपीआर तैयार कर रहा है. कहा कि बिहार की विभूतियों से जुड़े स्थलों का पर्यटन सर्किट से जोड़ने का काम तेज गति से की जा रही है. विभूतियों की जन्मस्थली को पर्यटन के रूप में विकसित किया जाएगा. इसकी शुरुआत विद्यापति की जन्मस्थली से प्रारंभ होगी. उसके बाद अगले कड़ी में मंडन – भारती की जन्मस्थली, सहरसा जिले के महिषी को विकसित किया जाएगा. उसके बाद भिखारी ठाकुर, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर आदि महान विभूतियों की जन्मस्थली को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा. कहा कि विद्यापति की जन्मस्थली के रूप में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त है. दुनिया के कई स्थानों पर महाकवि की स्मृति में विद्यापति पर्व समारोह का आयोजन किया जाता है. साहित्य और शोध क्षेत्र में जुड़े विद्वानों का भी यहां आगमन होता रहता है. पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि होगी. नई पीढ़ी के लोग बिहार के महान विभूतियों के बारे में जाने सकेंगे. इन स्थलों पर पुस्तकालय का निर्माण भी कराया जाएगा. सीओ निलेश कुमार ने कहा कि पर्यटन संबंधी सभी फाइल विभाग को भेज दी गई है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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