मधुबनी: रेलवे अंडरपास में जलजमाव की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर है. झंझारपुर-लौकहा रेलखंड पर स्थित वाचस्पति नगर रेलवे स्टेशन के समीप बने रेलवे अंडरपास में जलजमाव की समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं. इसी बीच रेलवे के ठेकेदार द्वारा पास में मौजूद पीपल के पेड़ के चारों ओर बेतरतीब ढंग से मिट्टी काटे जाने का मामला सामने आया है. पेड़ के अस्तित्व पर मंडराते संकट और गहरे गड्ढे को देखते हुए ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर रेलवे का काम पूरी तरह बंद करा दिया. यह अंडरपास गौड़ अंधरा गांव की मुख्य सड़क पर स्थित है.
शुरुआत से ही जलजमाव की समस्या
स्थानीय ग्रामीण सदानंद चौधरी ने रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अंडरपास के निर्माण के समय से ही मानसून की बारिश में यह पूरी तरह तालाब में तब्दील हो जाता है. इससे राहगीरों का आवागमन ठप हो जाता है.
इस गंभीर समस्या के निदान के लिए रेलवे प्रशासन ने कुछ दिन पहले अंडरपास के भीतर पीसीसी ढलाई भी करवायी. लेकिन यह ढलाई जलजमाव की समस्या का समाधान नहीं कर सकी और स्थिति जस की तस बनी रही.
पीपल के पेड़ के चारों ओर 6 फीट गहरी खुदाई
पीसीसी ढलाई के बाद भी जलजमाव की समस्या दूर नहीं होने पर अंडरपास के चारों किनारों को ऊंचा करने और भरने के लिए काम शुरू किया गया. इसी दौरान ठेकेदार ने पास ही मौजूद पीपल के पेड़ के चारों तरफ जेसीबी से करीब 6 फीट गहरी मिट्टी काट दी.
मिट्टी की खुदाई के बाद पेड़ अब मिट्टी के एक छोटे से टीले पर टिका हुआ है. ग्रामीणों ने पेड़ के अस्तित्व पर खतरा बताते हुए मौके पर पहुंचकर काम बंद करा दिया.
रेलवे अधिकारी ने कहा, पेड़ के बगल में भरी जाएगी मिट्टी
इस संबंध में झंझारपुर के रेलवे सेक्शन इंजीनियर रमेश ने कहा कि फिलहाल काम रुका हुआ है. पेड़ की बगल में मिट्टी भरी जाएगी. जलजमाव होने पर पानी की निकासी की जाती है. उन्होंने बताया कि दो महीने बाद स्थायी समाधान के लिए फिर काम किया जाएगा.
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