इएचआर एवं आभा एप स्कैन-एंड-शेयर फीचर में जिला बिहार में रहा अव्वल

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत जिला डिजिटल हेल्थ सेवाओं के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है.

जिला में अभी तक 24.2 लाख आभा आइडी की गई है जेनरेट एचएफआर एवं एएचपीआर का सौ फीसद काम पूरा मधुबनी . आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत जिला डिजिटल हेल्थ सेवाओं के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है. इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड और आभा एप के माध्यम से स्कैन-एंड-शेयर सिस्टम से ओपीडी में कार्यान्वयन के मामले में जिला बिहार में प्रथम स्थान पर रहा. जिला लगातार तीन-चार महीनों से आभा आईडी निर्माण में राज्य में शीर्ष स्थान बनाए हुए है. दिसंबर 2025 में 76 हजार 8 ओपीडी रजिस्ट्रेशन किया गया था. इसमें शत-प्रतिशत स्कैन एंड शेयर किया गया था. इस अवधि में 31 हजार 943 नई आभा आईडी बनाई गईं. 20 जनवरी तक जिला में 24 लाख 2 हजार आभा आईडी जनरेट की गई है. आभा आईडी निर्माण में जिला छठे स्थान पर है. सभी हेल्थ सर्विसेज का डिजिटल एकीकरण आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के परियोजना समन्वयक जयशंकर कुमार ने कहा कि इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल रूप से एकीकृत करना है. ताकि प्रत्येक नागरिक का स्वास्थ्य रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सके. इस पहल के तहत नागरिकों का आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट बनाया जा रहा है. इससे मरीज का पूरा हेल्थ रिकॉर्ड लिंक होकर किसी भी समय आभा एप या अन्य एबीडीएम सपोर्टेड प्लेटफ़ॉर्म पर देखा जा सकता है. जिला की डिजिटल उपलब्धियां परियोजना समन्वयक ने कहा कि मिशन के अंतर्गत सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों का हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री आईडी तैयार किया जा रहा है. इसमें हॉस्पिटल, फार्मेसी, लेबोरेटरी, ब्लड बैंक और मेडिकल कॉलेज शामिल है. इसी प्रकार सभी हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स, डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट एवं पैरामेडिकल स्टाफ का हेल्थ केयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री आईडी बनाया गया है. जिले में सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों का एचएफआर एवं एचपीआर कार्य सौ प्रतिशत पूरा कर लिया गया है. जबकि निजी क्षेत्र में लगभग 50 प्रतिशत हॉस्पिटल्स और 60 प्रतिशत फार्मेसी का पंजीकरण पूरा हो गया है. शेष संस्थानों पर तेजी से कार्य किया जा रहा है. डिजिटल स्वास्थ्य की दिशा में बड़ा कदम परियोजना समन्वयक ने कहा कि इस पहल से अब जिले में प्रत्येक मरीज का उपचार, दवा, जांच रिपोर्ट और टीकाकरण रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा. इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि मरीजों को भी अपने स्वास्थ्य संबंधी सभी रिकॉर्ड एक ही स्थान पर देखने की सुविधा मिल रही है.

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Published by: Digvijay singh

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