Madhubani : मॉब लिंचिंग मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार, दो अन्य की तलाश में छापेमारी जारी

राजनगर थाना क्षेत्र के चकदह गांव में पिछले 30 दिसंबर को बंगलादेश होने का आरोप लगाकर सुपौल जिले के मजदूर के साथ मॉब लिंचिंग की घटना की गयी थी.

पुलिस अधीक्षक ने प्रेसवार्ता कर दी मामले की जानकारी मधुबनी . राजनगर थाना क्षेत्र के चकदह गांव में पिछले 30 दिसंबर को बंगलादेश होने का आरोप लगाकर सुपौल जिले के मजदूर के साथ मॉब लिंचिंग की घटना की गयी थी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर एसपी योगेंद्र कुमार ने मामले का संज्ञान लेकर प्राथमिकी दर्ज करायी थी. सोमवार को इस में घटना में शामिल तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया. यह जानकारी देते हुए एसपी ने प्रेसवार्ता में कहा कि मामले के मुख्य अभियुक्त सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एसपी ने कहा किपिछले 30 दिसंबर को कुछ लोगों एक व्यक्ति को बंगलादेशी होने का आरोप लगाते हुए शारीरिक रूप से प्रताड़ित और मारपीट की. जिला की पुलिस ने वायरल वीडियो का तत्काल संज्ञान में लिया. तकनीकी विश्लेषण एवं स्थानीय सत्यापन के आधार पर अनुसंधान शुरू किया गया. राजनगर थाने की पुलिस ने पीड़ित से संपर्क कर उसकी पहचान की पुष्टि की. जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि पीड़ित व्यक्ति बिहार के सुपौल जिले का मूल निवासी है. वह मधुबनी में राजमिस्त्री का काम करता है. उसके बंगलादेशी होने के सभी आरोप पूर्णतः निराधार एवं भ्रामक पाए गए. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-2 के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन कर निष्पक्ष जांच एवं आरोपियों की गिरफ्तारी का निर्देश दिए. गठित टीम एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकरी सदर 2 द्वारा आरोपियों के ठिकाने पर लगातार छापामारी की गई. छापेमारी के क्रम में पंडौल थाना क्षेत्र से मुख्य अभियुक्त जो वीडियो में पीड़ित को मारपीट करता हुआ दिख रहा है को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही इस घटना में शामिल 2 अन्य अभियुक्त की गिरफ्तारी राजनगर थाना क्षेत्र से की गई है. वहीं दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी लगातार जारी है. पुलिस ने मुख्य अभियुक्त नंदनगर चकदह का कैलाश मुखिया, शिव कुमार एवं प्रियांशु उर्फ लेखनारायन को गिरफ्तार किया है. एसपी ने कहा अपराधियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है. एसपी ने कहा कि अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं के आधार पर किसी भी व्यक्ति के साथ हिंसा करना व कानून हाथ में लेना एक गंभीर अपराध है. ऐसे कृत्य में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध पुलिस कठोर दंडात्मक कार्रवाई करेगी. प्रेसवार्ता में एसडीओ टू मनोज कुमार भी मौजूद थे.

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Published by: Digvijay singh

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