Madhubani News : 22 मार्च को हो सकती है बूंदाबांदी, ओला वृष्टि की भी संभावना

दिन प्रतिदिन तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही गर्म हवाओं के तेज झोंके से मार्च माह में भीषण गर्मी का एहसास होने लगा है.

मधुबनी. दिन प्रतिदिन तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही गर्म हवाओं के तेज झोंके से मार्च माह में भीषण गर्मी का एहसास होने लगा है. पारा 33 डिग्री सेल्सियस को पार करने के कगार पर है. यदि मौसम का मिजाज कुछ दिनों तक ऐसा ही रहा तो आने वाले दिनों में आम आदमी की परेशानी बढ सकती है. ऐसे में चिकित्सकों ने लोगों को गर्मी से सतर्कता बरतने की सलाह दी है. इन दिनों लगातार मरीजों की संख्या पांच सौ से अधिक हो रही है. चिकित्सक इलाज के लिए आने बाले मरीजों को गर्मी व हीटवेव से बचाने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है.

इस बीच आने बाले चार पांच दिनों में तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अनुकूल मौसमीय सिस्टम के प्रभाव से 22 मार्च के आसपास कई स्थानों पर गरज वाले बादल बनने के साथ हल्की वर्षा या बूंदाबांदी हो सकती है. वर्षा के समय तेज हवा बह सकती है. कुछ स्थानों पर ओला वृष्टि की भी संभावना है. इस अवधि में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रह सकता है. पूर्वानुमानित अवधि में औसतन 9 से 12 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पछिया हवा चलने की सम्भावना है. 23 मार्च को तेज हवा के साथ पुरवा हवा चलने की सम्भावना है.

बीमार होने पर नहीं करें अनदेखी :

चिकित्सकों ने कहा कि किसी भी प्रकार की बीमारी होने पर पीड़ित व्यक्ति को इलाज के लिए अपने चिकित्सक व नजदीकी अस्पताल में जाना चाहिए. इससे समय रहते बीमारी का पता लगाकर उसका सही इलाज किया जा सकता है. हीट वेब एवं भीषण गर्मी को देखते हुए सदर अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में ओआरएस सहित अन्य प्रकार की जीवन रक्षक दवाओं का भंडारण किया गया है. इससे हीट वेब की चपेट में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की दवा की परेशानी नहीं हो. वर्तमान में पेट खराब, कोल्ड कफ व बुखार के अधिक मरीज इलाज के लिए अस्पताल आ रहा है. सदर अस्पताल में दवा की कोई किल्लत नहीं है. हर प्रकार की दवा उपलब्ध है.

500 मरीजों का किया गया रजिस्ट्रेशन :

सदर अस्पताल में बुधवार को ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर 500 मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया गया. इसमें सबसे अधिक 195 मरीजों का इलाज मेल ओपीडी में चिकित्सक डा. संतोष कुमार द्वारा किया गया. आर्थोपेडिक ओपीडी में डा. फैजुल हसन ने हड्डी रोग से संबंधित 145 मरीजों का इलाज किया. गायनिक ओपीडी में डा. विद्या पाल ने 105 महिलाओं का इलाज किया. इसके अलावा चाइल्ड ओपीडी में डा. संदीप कुमार गुप्ता ने 40 तथा डेंटल ओपीडी में डा. महारानी कुमारी ने 35 मरीजों का इलाज किया.

कैसे करें बचाव:

सिविल सर्जन डाॅ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि कुछ सावधानियां बरतकर लू और गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है. इस दौरान तेज गर्म हवा में बाहर जाने से बचें, नंगे बदन और नंगे पैर धूप में नहीं निकलना चाहिये. घर से बाहर पूरी आस्तीन के और ढीले कपड़े पहनकर निकलना, ताकि शरीर में हवा लगती रहे. ज्यादा टाइट और गहरे रंग के कपड़े नहीं पहनना चाहिये. सूती कपड़े पहनें सिंथेटिक, नायलन और पाॅलिस्टर के कपड़े नहीं पहनें. इसी प्रकारखाली पेट घर से बाहर न जाएं और ज्यादा देर भूखे रहने से बचें. धूप से बचने के लिए छाते का इस्तेमाल करें. इसके अलावा, सिर पर गीला या सादा कपड़ा रखकर चलें.चश्मा पहनकर बाहर जाएं. चेहरे को कपड़े से ढक लें.

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Author: GAJENDRA KUMAR

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