Madhubani News: बिहार सरकार ने बिना पंजीकरण या निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित निजी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए नई अधिसूचना जारी की है. इसके तहत पहली बार नियमों के उल्लंघन पर 10 हजार रुपये, दूसरी बार 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. लगातार उल्लंघन की स्थिति में संबंधित संस्थान को सील करने का प्रावधान किया गया है.
नई अधिसूचना में क्या बदला
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पहले बिना पंजीकरण या मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर पहली बार 50 हजार रुपये, दूसरी बार 2 लाख रुपये और तीसरी बार 5 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान था.
नई व्यवस्था के तहत आर्थिक दंड की राशि संशोधित की गई है. हालांकि लगातार नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ अब सीलिंग और कानूनी कार्रवाई का भी स्पष्ट प्रावधान किया गया है.
पूरे बिहार में लागू होगा नया विनियम
सरकार ने बिहार लघु एवं मध्यम स्वास्थ्य सेवा प्रतिष्ठान (स्थापना एवं निबंधन) विनियम, 2026 लागू किया है. यह राज्य के सभी लघु एवं मध्यम निजी स्वास्थ्य सेवा प्रतिष्ठानों पर लागू होगा.
इसके तहत स्वास्थ्य विभाग डिजिटल माध्यम से राज्य स्तरीय रजिस्टर तैयार करेगा, जिसमें सभी पंजीकृत स्वास्थ्य संस्थानों का रिकॉर्ड अद्यतन रखा जाएगा.
बिना पंजीकरण संस्थान चलाने पर कार्रवाई
नई अधिसूचना के अनुसार बिना पंजीकरण स्वास्थ्य सेवा प्रतिष्ठान संचालित करने पर—
- पहली बार उल्लंघन पर 10 हजार रुपये का जुर्माना।
- दूसरी बार उल्लंघन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना।
- इसके बाद भी उल्लंघन जारी रहने पर संस्थान को सील किया जाएगा और संबंधित प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जा सकेगी.
निर्देशों की अवहेलना पर भी दंड
अधिसूचना में यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति जांच या निरीक्षण में बाधा डालता है, निर्देशों की अवहेलना करता है या आवश्यक जानकारी देने से इनकार करता है, तो उस पर 5 लाख रुपये तक का मौद्रिक दंड लगाया जा सकता है.
सिविल सर्जन ने दी चेतावनी
सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि बिना पंजीकरण या मानकों के अनुरूप संचालित नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब, अल्ट्रासाउंड सेंटर और एक्स-रे क्लिनिक के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग सख्त कार्रवाई करेगा. सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा.
