Madhubani News: भारत-नेपाल सीमा पर तैनात 48वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के पिपरौन कैंप के जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए नेपाल की एक नाबालिग लड़की को कथित मानव तस्करी का शिकार होने से बचा लिया. कार्रवाई के दौरान एक संदिग्ध युवक को भी हिरासत में लिया गया.
नियमित जांच के दौरान हुई कार्रवाई
एसएसबी के अनुसार पिपरौन-जटही मार्ग स्थित चेक पोस्ट पर नियमित जांच के दौरान सीमा स्तंभ से करीब 20 मीटर भारतीय क्षेत्र में नेपाल से भारत की ओर आ रहे एक युवक और एक नाबालिग लड़की को संदेह के आधार पर रोका गया.
पूछताछ में सामने आया विरोधाभास
पूछताछ के दौरान युवक ने नाबालिग को अपनी पत्नी बताया. हालांकि दोनों के बयानों में गंभीर विरोधाभास पाया गया. लड़की युवक के बारे में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सकी. दोनों के पास कोई वैध पहचान पत्र भी नहीं था.
प्रारंभिक पूछताछ और परिस्थितियों के आधार पर एसएसबी को आशंका हुई कि युवक शादी का झांसा देकर नाबालिग को भारत लाने का प्रयास कर रहा था, जो मानव तस्करी का मामला प्रतीत हुआ.
नेपाल की एजेंसियों को सौंपा गया मामला
एसएसबी के कमांडेंट राजेंद्र कुमार ने बताया कि त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग लड़की को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया. आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) की उपस्थिति में लड़की और संबंधित युवक को आगे की कार्रवाई के लिए नेपाल के गैर-सरकारी संगठन पीस रिहैबिलिटेशन सेंटर की काउंसलर को सुरक्षित सुपुर्द कर दिया गया.
सीमा पर निगरानी जारी
एसएसबी ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए नियमित जांच और निगरानी अभियान लगातार जारी है.
