मधुबनी न्यूज: भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी की सतर्कता से 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को युवक के साथ नेपाल जाने से रोक लिया गया. 48वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल जयनगर के जवानों ने महिनाथपुर चेक पोस्ट की सिमराही सीमा चौकी पर नियमित जांच के दौरान दोनों को संदेह के आधार पर रोका. पूछताछ में युवक की उम्र 20 वर्ष और बालिका की उम्र 17 वर्ष सामने आयी.
परिजनों को बिना बताए निकली थी घर से
पूछताछ में पता चला कि युवक और नाबालिग बालिका दोनों कर्नाटक के रहने वाले हैं. बालिका अपने परिजनों को बिना बताए युवक के साथ घर से निकली थी. दोनों भारत से नेपाल जाने का प्रयास कर रहे थे. नाबालिग होने की जानकारी मिलते ही एसएसबी जवानों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की.
बेंगलुरु थाने में दर्ज थी शिकायत
एसएसबी ने तत्काल बालिका के परिजनों से संपर्क किया. परिजनों ने बताया कि बालिका के घर से बिना बताए चले जाने को लेकर बेंगलुरु सिटी के नॉर्थ-ईस्ट डिवीजन स्थित अमृतहल्ली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करायी गयी थी.
इसके बाद एसएसबी ने संबंधित थाना पुलिस से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी साझा की और आवश्यक समन्वय स्थापित किया.
पुलिस को सौंपे जाएंगे युवक और बालिका
संबंधित पुलिस कर्मियों के पहुंचने के बाद आवश्यक वैधानिक और कागजी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इसके बाद युवक और बालिका को संबंधित पुलिस के सुपुर्द किया जाएगा. मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित पुलिस द्वारा की जाएगी.
मानव तस्करी रोकने पर एसएसबी की नजर
48वीं वाहिनी एसएसबी जयनगर के कमांडेंट राजेंद्र कुमार ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर नाबालिगों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है. मानव तस्करी जैसी गतिविधियों की रोकथाम के लिए चेक पोस्ट और गश्ती के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाती है.
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर एसएसबी तत्काल स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करती है. कमांडेंट ने जवानों की सतर्कता की सराहना करते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा के साथ मानव सुरक्षा और संरक्षण भी एसएसबी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है.
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