Saurath Sabha Madhubani: मिथिला की ऐतिहासिक सौराठ सभा को फिर से सक्रिय और जनोपयोगी बनाने की दिशा में सौराठ सभा समिति ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. समिति की बैठक अध्यक्ष कृष्ण कांत झा 'गुड्डू' की अध्यक्षता में हुई, जिसमें सामाजिक सरोकार और पारंपरिक वैवाहिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए.
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समिति की अनुशंसा से विवाह पर मिलेगी प्रोत्साहन राशि
बैठक में निर्णय लिया गया कि सौराठ सभा में परिचय पंजीकृत कर समिति की अनुशंसा से विवाह करने वाले परिवारों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.
इसके तहत—
- कन्यापक्ष को ₹5,200
- वरपक्ष को ₹2,500
सम्मान स्वरूप प्रदान किए जाएंगे.
समिति का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक परिवारों को सौराठ सभा की पारंपरिक वैवाहिक व्यवस्था से जोड़ना और इस ऐतिहासिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है.
हर साल 10 निर्धन कन्याओं के विवाह में सहयोग
बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए समिति ने आर्थिक रूप से कमजोर एवं असहाय कन्याओं की मदद का संकल्प लिया.
समिति ने घोषणा की कि हर वर्ष 10 निर्धन कन्याओं के विवाह का आवश्यक खर्च वहन कर उन्हें सम्मानपूर्वक विवाह कराने में सहयोग किया जाएगा.
सामाजिक परंपरा को मजबूत करने का प्रयास
समिति के संरक्षक डॉ. शेखर चंद्र मिश्र ने कहा कि यह पहल केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि मिथिला की सामाजिक परंपरा, मानवीय संवेदना और सामूहिक उत्तरदायित्व को मजबूत करने का प्रयास है.
उन्होंने समिति के सदस्यों से इस अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की अपील की.
प्रचार-प्रसार और सहयोग पर भी बनी सहमति
बैठक में उप सचिव अनिल कुमार झा ने इन निर्णयों के व्यापक प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी ली. वहीं कोषाध्यक्ष शंभूनाथ पंडा ने श्रमदान और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया.
बैठक में मिहिर कुमार झा, टेकनाथ पाठक, मुकेश कुमार झा, अजय कुमार झा, गौरव मिश्र, डॉ. अशोक कुमार मिश्र, संजय झा, धर्मेंद्र कुमार मिश्र समेत कई सदस्य उपस्थित रहे.
समिति के सदस्यों ने विश्वास जताया कि यह पहल सौराठ सभा की ऐतिहासिक पहचान को नई मजबूती देने के साथ-साथ आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए भी उपयोगी साबित होगी.
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