Madhubani News : चाइल्ड केयर सेंटर निर्माण के बाद भी नवजात को उपचार के लिए किया जाता रेफर

सीएचसी परिसर में 35 लाख से निर्मित 20 बेड का चाइल्ड केयर सेंटर भवन निर्माण के बाद भी क्षेत्रवासियों को लाभ नहीं मिल रहा है.

अंधराठाढ़ी.

सीएचसी परिसर में 35 लाख से निर्मित 20 बेड का चाइल्ड केयर सेंटर भवन निर्माण के बाद भी क्षेत्रवासियों को लाभ नहीं मिल रहा है. अभी भी लोगों को अपने बच्चों का उपचार कराने के लिए जिला मुख्यालय जाना पड़ता है. स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों की देखभाल व उपचार के लिए रेफरल अस्पताल परिसर में 20 बेड का अस्पताल का निर्माण कराया था. विभागीय उदासीनता के कारण अभीतक इसमें उपचार की व्यवस्था नहीं की जा सकी है.

रेफरल अस्पताल में प्रतिवर्ष 27 सौ गर्भवती महिलाएं प्रसव कराने के लिए आती है. नवजात के जन्म के बाद चाइल्ड केयर सेंटर की आवश्यकता होती है. नवजात व बाल शिशु को विशेषज्ञ की सलाह व इलाज के लिए लोगों को 40 किमी दूर मधुबनी या 60 किमी दूर डीएमसीएच जाना पड़ता है. गौरतलब है कि रेफरल अस्पताल परिसर में वर्ष 2023 में रिलाइबल इंटरप्राइजेज कंपनी ने 20 बेड का प्रीफैब वार्ड अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा करा लिया. अस्पताल भवन में दो हॉल भी बनाये गये है. प्रत्येक हॉल में 10 सुसज्जित बेड है. वहीं शौचालय बाथरूम के अलावा चिकित्सीय व कर्मियों के लिए अलग अलग केबिन बना है. लेकिन इसके चालू नहीं होने से अस्पताल के अगल बगल में घास- फूस उग गये है. गंदगी फैल गयी है. जबकि एक शिशु रोग विषेज्ञ भी अस्पताल में पदस्थापित है.

इस चाइल्ड केयर अस्पताल में सेंटर के चालू नहीं होने से रेफरल में प्रसव के बाद गंभीर नवजात बच्चे को रेफर कर दिया जाता है. इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से फोन पर संपर्क स्थापित कर पक्ष लेने का प्रयास असफल रहा. अंधराठाढ़ी के रेफरल अस्पताल के स्वास्थ्य प्रबंधक गिरीश झा ने कहा कि यह अस्पताल अबतक क्यों चालू नहीं हुआ है. इसकी विशेष जानकारी नहीं है.

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By GAJENDRA KUMAR

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