मधुबनी के डॉ राजनाथ झा का श्रीलंका में बजा डंका, मिला अंतरराष्ट्रीय प्रोफेसर सम्मान 2026

श्रीलंका में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में मधुबनी के डॉ राजनाथ झा को अंतरराष्ट्रीय प्रोफेसर सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया. उन्होंने वृष्टि विज्ञान और AI पर शोध-पत्र प्रस्तुत कर प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक तकनीक के संबंध को सामने रखा.

मधुबनी का गर्व: जिले के मिथिला दीप गांव निवासी और ज्योतिर्वेद विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ राजनाथ झा को श्रीलंका में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में प्रतिष्ठित ‘अंतरराष्ट्रीय प्रोफेसर सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया है. अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष वैदिक फेडरेशन के तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में उन्होंने भारतीय ज्योतिष शास्त्र में वृष्टि विज्ञान और वर्तमान कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI विषय पर अपना शोध-पत्र प्रस्तुत किया. उनके शोध में प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक तकनीक के बीच संभावित संबंध को सामने रखा गया.

वैदिक ज्ञान और AI के समन्वय पर शोध

डॉ राजनाथ झा ने अपने शोध में प्राचीन भारतीय ऋषियों द्वारा प्रतिपादित खगोलीय गणनाओं, मेघ-गर्भ लक्षणों और वृष्टि-विज्ञान से जुड़े सूत्रों को आधुनिक डेटा एनालिटिक्स, कंप्यूटर विजन और मशीन लर्निंग के साथ जोड़ने का प्रयास प्रस्तुत किया.

उन्होंने अपने शोध के माध्यम से बताया कि वैदिक खगोल विज्ञान में मौजूद पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक AI तकनीक के बीच समन्वय की संभावनाओं पर काम किया जा सकता है. उनके अनुसार, इस तरह का अध्ययन मौसम और पर्यावरण से जुड़े पूर्वानुमान के क्षेत्र में उपयोगी साबित हो सकता है.

कई देशों के शोधार्थी सम्मेलन में हुए शामिल

अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन की अध्यक्षता श्रीलंका के प्रतिष्ठित पेराडेनिया विश्वविद्यालय के संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ वेन. जम्बुगहपिटिये धम्मलोक ने की. सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष वैदिक फेडरेशन की चेयरमैन दिव्या पिल्लई, एसोसिएट डायरेक्टर डॉ मनीष पाण्डेय समेत कई देशों के खगोलविद और शोधार्थी शामिल हुए.

सम्मेलन के दौरान डॉ राजनाथ झा के शोध को प्राचीन ज्ञान और आधुनिक तकनीक के बीच सेतु बनाने वाला प्रयास बताया गया. वैश्विक प्रतिनिधियों ने उनके शोध की सराहना की.

शोध के लिए मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान

डॉ राजनाथ झा को यह सम्मान उनके शोध कार्य के लिए प्रदान किया गया. सम्मान मिलने के बाद उनके क्षेत्र और बिहार के अकादमिक जगत में इसे उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है.

मिथिला दीप गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय वैदिक विज्ञान और आधुनिक AI के समन्वय से जुड़े शोध को प्रस्तुत करना स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना है. उनके शोध का केंद्र पारंपरिक भारतीय ज्ञान को आधुनिक तकनीकी माध्यमों के साथ समझने और उसके संभावित उपयोग की दिशा में आगे बढ़ना है.

बिहार के लिए भी गौरव की बात

श्रीलंका में आयोजित सम्मेलन में मिला यह सम्मान बिहार के अकादमिक और शोध जगत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है. डॉ राजनाथ झा के शोध में भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक को एक साथ रखकर संभावनाओं की तलाश की गई है.

वृष्टि विज्ञान और AI जैसे विषयों को जोड़कर प्रस्तुत किए गए शोध ने सम्मेलन में मौजूद प्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया. सम्मान के जरिए भारतीय वैदिक ज्ञान से जुड़े अध्ययन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा का अवसर भी मिला.

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By Kunjan Kumar Putti

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