Madhubani News : मधुबनी.
जिले में किडनी की बीमारियों का ग्राफ डरावने तरीके से बढ़ रहा है. सदर अस्पताल के डायलिसिस सेंटर से मिले आंकड़े चौंकाने वाले हैं, जो यह दर्शाते हैं कि आम लोगों में बिना डॉक्टरी सलाह के एंटीबायोटिक और दर्द निवारक दवाओं (पेन किलर) के सेवन की बढ़ती प्रवृत्ति जानलेवा साबित हो रही है. विशेषज्ञों के अनुसार, धड़ल्ले से दवाओं का उपयोग और कम पानी पीने की आदत सीधे तौर पर किडनी को नुकसान पहुँचा रही है.दो साल में 11 हजार से अधिक डायलिसिस
सदर अस्पताल स्थित डायलिसिस सेंटर के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में यहाँ 11 हजार से अधिक मरीजों का डायलिसिस किया गया है. वर्ष 2024 में जहाँ 5222 मरीजों का डायलिसिस हुआ, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 6929 तक पहुँच गई. सेंटर के प्रभारी ईश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि बढ़ती भीड़ को देखते हुए मशीनों की संख्या 7 से बढ़ाकर 9 कर दी गई है. यहाँ राशन कार्ड धारकों का निःशुल्क और अन्य मरीजों का मात्र 1797 रुपये में डायलिसिस किया जाता है.युवा भी हो रहे हैं शिकार :
आंकड़ों का सबसे परेशान करने वाला पहलू यह है कि किडनी की बीमारी अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है. कुल मरीजों में 40 वर्ष से कम उम्र के युवाओं की संख्या करीब 20 फीसदी (लगभग 2200 मरीज) है. वहीं, 40 से 60 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत है. ग्रामीण क्षेत्रों के लोग इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित पाए गए हैं.क्या कहते हैं विशेषज्ञ
: नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ संतोष प्रकाश के अनुसार, वैसे तो डायबिटीज, उच्च रक्तचाप और अनुवांशिक कारण किडनी खराब होने के मुख्य आधार हैं, लेकिन वर्तमान में दवाओं का दुरुपयोग एक बड़ा कारण बनकर उभरा है. लोग शरीर में दर्द होने पर बिना किसी परामर्श के मेडिकल स्टोर से पेन किलर खरीदकर खा लेते हैं. डॉ प्रकाश ने चेतावनी दी है कि बिना डॉक्टरी सलाह के एंटीबायोटिक और पेन किलर का उपयोग सीधे किडनी की कार्यक्षमता को खत्म कर देता है. इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना इस समस्या को और गंभीर बना देता है. चिकित्सकों ने जिले के लोगों से अपील की है कि वे खुद से दवाएं लेने की आदत छोड़ें और शरीर में किसी भी असामान्यता के लक्षण दिखने पर तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लें.नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ संतोष प्रकाश के अनुसार, वैसे तो डायबिटीज, उच्च रक्तचाप और अनुवांशिक कारण किडनी खराब होने के मुख्य आधार हैं, लेकिन वर्तमान में दवाओं का दुरुपयोग एक बड़ा कारण बनकर उभरा है. लोग शरीर में दर्द होने पर बिना किसी परामर्श के मेडिकल स्टोर से पेन किलर खरीदकर खा लेते हैं. डॉ प्रकाश ने चेतावनी दी है कि बिना डॉक्टरी सलाह के एंटीबायोटिक और पेन किलर का उपयोग सीधे किडनी की कार्यक्षमता को खत्म कर देता है. इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना इस समस्या को और गंभीर बना देता है. चिकित्सकों ने जिले के लोगों से अपील की है कि वे खुद से दवाएं लेने की आदत छोड़ें और शरीर में किसी भी असामान्यता के लक्षण दिखने पर तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लें.
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