मधुबनी से रमण कुमार मिश्रा की रिपोर्ट
NEET Solver Gang: NEET परीक्षा में फर्जीवाड़ा और दूसरे के नाम पर परीक्षा देने का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. लखीसराय जिला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए परीक्षा केंद्र से ही एक हाईप्रोफाइल फर्जी परीक्षार्थी को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान मधुबनी जिले के लौकहा थाना क्षेत्र के विशनपुर गांव निवासी रौशन कुमार के रूप में हुई है. पुलिस के इस बड़े एक्शन के बाद परीक्षा माफियाओं और सॉल्वर गैंग में हड़कंपमच गया है.
निरंजन कुमार के बदले परीक्षा दे रहा था रौशन,
लखीसराय पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी रौशन कुमार नीट की परीक्षा में ‘निरंजनकुमार’ नामक मूल परीक्षार्थी के स्थान पर फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेजों के सहारे परीक्षा में शामिल हुआ था. जांच में जो सबसे सनसनीखेज खुलासा हुआ है, वह यह है कि फर्जी परीक्षार्थी रौशन कुमार खुद एक मेधावी छात्र है और वह पटना के प्रतिष्ठित नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (NMCH) में एमबीबीएस (MBBS) चतुर्थ वर्ष (Fourth Year) का छात्र है.
गहन जांच के बाद परीक्षा केंद्र से हुई गिरफ्तारी
पुलिस को परीक्षा के दौरान क्रेडेंशियल्स और बायोमेट्रिक मिलान में विसंगति होने पर शक हुआ था. इसके बाद लखीसराय पुलिस की विशेष टीम ने मामले की गहन जांच और दस्तावेजों की स्क्रूटनीकी. जांच में धोखाधड़ी की पुष्टि होते ही पुलिस ने सीधे परीक्षा केंद्र (ExamCenter) पर दबिश दी और रौशन कुमार को परीक्षा हॉल से ही गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि इस फर्जीवाड़े के एवज में कितने लाख रुपये की डील हुई थी.
सॉल्वर गैंग के बड़े नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस
मेडिकल छात्र रौशन कुमार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस रैकेट के मुख्य सरगना और बैकवर्ड लिंकेज की तलाश में जुट गई है. पुलिस आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है कि वह किसके माध्यम से इस सॉल्वर गैंग के संपर्क में आया था और क्या वह इससे पहले भी किसी अन्य प्रतियोगी परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी के रूप में बैठ चुका है. इस मामले में मूल परीक्षार्थी निरंजन कुमार और बिचौलियों के खिलाफ भी नामजद प्राथमिकी दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.
