Madhubani News: नीट पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर तथा पटना में छात्र-युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में हरलाखी में छात्रों और युवाओं ने आक्रोश मार्च निकाला. मार्च का नेतृत्व समाजसेवी निशांत शेखर, संजीव कुमार दास, शिवचंद्र मिश्रा, दानिश इकबाल, धर्मेंद्र दास, नवल किशोर यादव, अभिजीत कुमार, शिवचंद्र यादव, राघवेंद्र रमन, साहिद राजा सहित अन्य लोगों ने किया. प्रदर्शनकारियों ने तिरंगा लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.
Student Protest: अंबेडकर चौक से निकला प्रतिरोध मार्च
आक्रोश मार्च की शुरुआत उमगांव स्थित अंबेडकर चौक से हुई. वहां से बाजार चौक होते हुए प्रदर्शनकारी पुनः अंबेडकर चौक पहुंचे, जहां डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक के समीप सभा आयोजित की गई. इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-युवा और स्थानीय लोग मौजूद रहे.
छात्र आंदोलनों पर कार्रवाई की निंदा
सभा को संबोधित करते हुए निशांत शेखर सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज कर लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर पटना के राजभवन तक छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलनों पर बल प्रयोग बेहद चिंताजनक है.
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे सहित कई मांगें
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि पेपर लीक रोकने के लिए कठोर कानून बनाया जाए. साथ ही छात्र आंदोलनों के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने, महिला प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित करने, दिल्ली और पटना में हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने तथा नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले 21 छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग भी उठाई.
संघर्ष जारी रखने का ऐलान
वक्ताओं ने कहा कि छात्र-युवा अपने अधिकार, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था, रोजगार और बेहतर शिक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि दमनात्मक कार्रवाई से आंदोलन की आवाज को दबाया नहीं जा सकता.
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