सेवानिवृत्त कर्मियों की संविदा नियुक्ति पर एमएसयू का विरोध, नियमित बहाली की मांग

मिथिला स्टूडेंट यूनियन (MSU) ने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) द्वारा सेवानिवृत्त कर्मियों को संविदा पर फिर से नियुक्त करने के फैसले का कड़ा विरोध किया है. संगठन का मानना है कि यह युवाओं के रोजगार के अवसरों पर कुठाराघात है और उन्होंने जल्द नियमित नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है.

Madhubani News: मिथिला स्टूडेंट यूनियन (एमएसयू) ने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सेवानिवृत्त कर्मियों को संविदा पर पुनर्नियुक्त किए जाने के निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताई है. संगठन ने इसे युवाओं के रोजगार के अवसरों के साथ अन्याय बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की है.

LNMU News: पुनर्नियुक्ति पर एमएसयू ने उठाए सवाल

एमएसयू नेता शशि अजय झा ने जारी बयान में कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा जारी पत्र के माध्यम से एक सेवानिवृत्त प्रधान लिपिक (लेखा) को 11 माह के लिए दोबारा कार्य करने की अनुमति दी गई है. उन्होंने कहा कि यह निर्णय विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है.

युवाओं के रोजगार पर जताई चिंता

एमएसयू का कहना है कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से नियमित नियुक्तियां लंबित हैं और हजारों योग्य एवं प्रशिक्षित युवा रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं. इसके बावजूद बार-बार सेवानिवृत्त कर्मियों को संविदा पर नियुक्त किया जा रहा है, जिससे नई पीढ़ी के लिए रोजगार के अवसर सीमित हो रहे हैं.

नियमित बहाली प्रक्रिया शुरू करने की मांग

संगठन ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है तो इसका स्थायी समाधान नियमित बहाली प्रक्रिया शुरू करना है, न कि सेवानिवृत्त कर्मियों की पुनर्नियुक्ति. एमएसयू ने विश्वविद्यालय प्रशासन से संविदा नियुक्ति की नीति की समीक्षा कर रिक्त पदों पर नियमित भर्ती जल्द शुरू करने की मांग की है.


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By Kartik kumar

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