मधुबनी: चार अनुमंडलीय अस्पतालों में लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर होंगे अत्याधुनिक, दो दिनों में मांगी रिपोर्ट

मधुबनी जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक अहम कदम उठाया है. जयनगर, बेनीपट्टी, फुलपरास और झंझारपुर अनुमंडलीय अस्पतालों के लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा.

Madhubani News: जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर पर प्रभावी नियंत्रण तथा सुरक्षित प्रसव सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है. इसके तहत चार अनुमंडलीय अस्पतालों के लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी की जा रही है. आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता और कमी का आकलन करने के लिए दो दिनों में गैप एनालिसिस रिपोर्ट मांगी गई है.

चार अनुमंडलीय अस्पतालों का किया गया चयन

स्वास्थ्य विभाग ने अनुमंडलीय अस्पताल जयनगर, बेनीपट्टी, फुलपरास और झंझारपुर को इस पहल के लिए चिह्नित किया है. इन स्वास्थ्य संस्थानों को प्रथम रेफरल इकाई (FRU) के रूप में और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा.

इससे जटिल प्रसव और स्त्री रोग संबंधी मामलों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.

दो दिनों में तैयार होगी गैप एनालिसिस रिपोर्ट

सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों को दो दिनों के भीतर गैप एनालिसिस रिपोर्ट तैयार कर राज्य स्वास्थ्य समिति को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. निर्धारित चेकलिस्ट के आधार पर लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर में मौजूद उपकरणों की स्थिति का आकलन किया जाएगा.

इसके बाद उपलब्ध संसाधनों और आवश्यक उपकरणों की तुलना कर कमियों का विस्तृत विवरण तैयार किया जाएगा.

संयुक्त हस्ताक्षर से भेजी जाएगी रिपोर्ट

गैप एनालिसिस रिपोर्ट पर सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक तथा संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर होंगे. रिपोर्ट के आधार पर अस्पतालों में आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.

उपकरणों की कमी होगी दूर

लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर में उपलब्ध संसाधनों का विस्तृत आकलन कर आवश्यक उपकरणों की कमी दूर की जाएगी. जटिल गर्भावस्था, सिजेरियन प्रसव तथा स्त्री रोग संबंधी ऑपरेशन की सुविधाओं को और मजबूत बनाने पर जोर रहेगा.

प्रथम रेफरल इकाइयों की कार्यक्षमता बढ़ने से गंभीर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.

गर्भवती महिलाओं को मिलेगा सीधा लाभ

जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज मिश्रा ने बताया कि इस पहल से सुरक्षित प्रसव सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा. जटिल गर्भावस्था और आपातकालीन प्रसूति सेवाओं का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा.

उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को अपने ही अनुमंडलीय अस्पताल में बेहतर और समय पर उपचार मिल सकेगा. इससे अनावश्यक रेफरल में कमी आएगी और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलेगी. साथ ही जिले में संस्थागत प्रसव को भी बढ़ावा मिलेगा.

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By Anil kunar jha

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