मधुबनी में कला, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा नया मंच, ‘मिथिला आर्ट्स एक्सपीरियंस सेंटर’ पर चर्चा

मधुबनी को आधुनिक और स्वच्छ शहर बनाने के साथ मिथिला की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने की तैयारी है. जिला प्रशासन ने एनबीसीसी के साथ बैठक में कचरा प्रबंधन और मिथिला आर्ट्स एक्सपीरियंस सेंटर की योजना पर चर्चा की.

मधुबनी न्यूज: शहर को आधुनिक सुविधाओं से लैस, स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने के साथ मिथिला की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है. जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने भारत सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर के विकास की संभावनाओं पर चर्चा की. बैठक में आधुनिक नागरिक सुविधाओं के साथ मिथिला कला और संस्कृति को पर्यटन व स्थानीय आर्थिक विकास से जोड़ने पर जोर दिया गया.

‘मिथिला आर्ट्स एक्सपीरियंस सेंटर’ पर हुआ मंथन

बैठक में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत ‘मिथिला आर्ट्स एक्सपीरियंस सेंटर’ विकसित करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया. इसके जरिए मिथिला पेंटिंग सहित पारंपरिक कलाओं की प्रदर्शनी, प्रचार-प्रसार और बिक्री के लिए एक बेहतर मंच उपलब्ध कराने की योजना है.

इस केंद्र के बनने से स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को बाजार मिलने की उम्मीद है. वहीं, मधुबनी आने वाले पर्यटक मिथिला की कला और संस्कृति को एक ही स्थान पर करीब से जान सकेंगे.

शहर में एकीकृत कचरा प्रबंधन की तैयारी

बैठक में मधुबनी शहर के लिए एकीकृत कचरा प्रबंधन प्रणाली विकसित करने पर भी चर्चा हुई. इसके तहत कचरे के संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण, उपचार और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की समेकित व्यवस्था तैयार करने की योजना है.

जिलाधिकारी ने कहा कि शहरी स्वच्छता सिर्फ कचरा उठाने तक सीमित नहीं है. इसका सीधा संबंध जनस्वास्थ्य, पर्यावरण और लोगों के जीवन की गुणवत्ता से है. इसलिए शहर की मौजूदा परिस्थितियों और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए टिकाऊ कचरा प्रबंधन मॉडल तैयार किया जाना चाहिए.

कला से रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

जिलाधिकारी ने कहा कि मधुबनी की कला-संस्कृति जिले की पहचान होने के साथ आर्थिक विकास की भी बड़ी संभावना रखती है. इसे पर्यटन और आधुनिक बाजार से जोड़कर स्थानीय कलाकारों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं.

डीपीआर के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

दोनों परियोजनाओं की तकनीकी और वित्तीय व्यवहार्यता का आकलन कर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने पर जोर दिया गया. जिलाधिकारी ने कहा कि शहर के विकास में आधुनिक सुविधाओं के साथ मिथिला की सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण जरूरी है. दोनों के समन्वय से मधुबनी के लिए दीर्घकालिक विकास मॉडल तैयार किया जाएगा.

बैठक में एनबीसीसी के डीजीएम सुमन कांत, प्रोजेक्ट मैनेजर अभय कुमार, अपर समाहर्ता सह नगर आयुक्त, मधुबनी सहित संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे.

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