Madhubani News: मिथिला की विश्वप्रसिद्ध चित्रकला को आधुनिक तकनीक से जोड़कर कलाकारों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है. जिलाधिकारी आनंद शर्मा की पहल पर मिथिला चित्रकला संस्थान, सौराठ में मिथिला चित्रकला ई-कॉमर्स पोर्टल के प्रथम चरण का शुभारंभ किया गया. डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब कलाकार अपनी कलाकृतियां सीधे देश-दुनिया के ग्राहकों तक पहुंचा सकेंगे. इससे कलाकारों को उनकी कला का बेहतर मूल्य मिलने के साथ बिचौलियों की भूमिका भी खत्म होगी.
पहले चरण में संस्थान के विद्यार्थी बनेंगे सेलर
ई-कॉमर्स परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है. पहले चरण में मिथिला चित्रकला संस्थान में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को सेलर के रूप में जोड़ा गया है. विद्यार्थियों द्वारा तैयार कलाकृतियों का निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्ता परीक्षण किया जाएगा.
गुणवत्ता जांच में स्वीकृति मिलने के बाद ही कलाकृतियों को पोर्टल पर ऑनलाइन बिक्री के लिए प्रदर्शित किया जाएगा. दूसरे चरण में निर्धारित प्रक्रिया के तहत अन्य पात्र कलाकारों और सेलर्स को भी पोर्टल से जोड़ा जाएगा.
80 प्रतिशत तक राशि सीधे कलाकार के खाते में
पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत प्रत्यक्ष भुगतान व्यवस्था है. कलाकृति की बिक्री से प्राप्त राशि निर्धारित प्रक्रिया के तहत संस्थागत खाते में आएगी. प्रावधान के अनुसार, इसमें से 80 प्रतिशत तक राशि सीधे संबंधित कलाकार के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी.
इससे कलाकारों को अपनी मेहनत का प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा और बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी. बिक्री और ऑर्डर से संबंधित जानकारी कलाकारों को एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से भी उपलब्ध करायी जाएगी.
पद्मश्री सम्मानित सदस्यों की समिति करेगी गुणवत्ता जांच
कलाकृतियों की गुणवत्ता और प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए पद्मश्री सम्मानित सदस्यों की चार सदस्यीय समिति गठित की गयी है. समिति बिक्री के लिए प्रस्तुत चित्रों का निर्धारित मानकों के अनुरूप परीक्षण और मूल्यांकन करेगी.
समिति की स्वीकृति के बाद ही किसी कलाकृति को पोर्टल पर बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. ग्राहक को खरीदी गयी पेंटिंग के साथ मिथिला चित्रकला संस्थान की ओर से जारी ऑथेंसिटी सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा. यह प्रमाण-पत्र कलाकृति के पार्सल में ही भेजा जाएगा.
यूनिक कोड से होगी कलाकृतियों की पहचान
पोर्टल पर प्रमाणित कलाकृतियों की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीर, कलाकार की जानकारी और चित्र से संबंधित आवश्यक विवरण उपलब्ध होंगे. ग्राहक ऑनलाइन पेंटिंग देखकर अपनी पसंद की कलाकृति खरीद सकेंगे.
पोर्टल पर मिथिला चित्रकला की विभिन्न पारंपरिक शैलियों को अलग-अलग वर्गीकृत किया जाएगा. इनमें कचनी, भरनी, गोदना और तांत्रिक सहित अन्य शैलियां शामिल होंगी. प्रत्येक स्वीकृत कलाकृति को उसकी पहचान और ट्रैकिंग के लिए यूनिक कोड दिया जाएगा.
भारतीय डाक से होगी कलाकृतियों की डिलीवरी
ग्राहकों तक कलाकृतियां पहुंचाने के लिए भारतीय डाक सेवा को ई-कॉमर्स पोर्टल से जोड़ने का प्रावधान किया गया है. कलाकृति के आकार के अनुसार डिलीवरी शुल्क निर्धारित किया जाएगा.
पोर्टल पर खराब, क्षतिग्रस्त या गलत कलाकृति मिलने की स्थिति में रिटर्न और रिफंड की सुविधा भी दी जाएगी.
दो कार्य दिवस में दर्ज करनी होगी रिटर्न रिक्वेस्ट
ग्राहक को क्षतिग्रस्त, दोषपूर्ण या बदली हुई कलाकृति मिलने पर डिलीवरी के दो कार्य दिवस के भीतर पोर्टल पर रिटर्न रिक्वेस्ट दर्ज करनी होगी. इसके लिए कलाकृति की स्पष्ट तस्वीर और वापसी का कारण देना होगा.
संस्थान दो कार्य दिवस के भीतर अनुरोध की जांच करेगा. रिटर्न स्वीकृत होने के बाद ग्राहक स्पीड पोस्ट के माध्यम से कलाकृति वापस भेज सकेगा. निर्धारित प्रक्रिया के तहत तीन से पांच कार्य दिवस में मूल भुगतान माध्यम से पूरी राशि के साथ रिटर्न डिलीवरी चार्ज वापस करने का प्रावधान किया गया है.
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