मधुबनी: मौसम बेरहम, झुलसाने वाली गर्मी और उमस से आम जनजीवन बेहाल

Madhubani Weather Update: मधुबनी में मानसून के बावजूद प्रचंड गर्मी और उमस से लोग बेहाल हैं.तापमान 40 डिग्री के पार पहुंचने से अस्पतालों में मरीज बढ़ रहे हैं.स्थिति को देखते हुए सिविल सर्जन ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को 24 घंटे अलर्ट रहने का निर्देश दिया है.खबर नीचे पढ़ें...

मधुबनी से अनिल कुमार झा की रिपोर्ट

Madhubani Weather Update: मधुबनी और आसपास के क्षेत्रों में मानसून की दस्तक के बावजूद उमस भरी प्रचंड गर्मी और तेज धूप से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है.दोपहर के समय पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है, जिससे लोग डिहाइड्रेशन और हीटस्ट्रोक जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं.चिलचिलाती धूप के कारण लोग दोपहर में घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं.आलम यह है कि रात में भी पंखे और कूलर से गर्म हवा ही मिल रही है.हवा में भारी नमी के चलते लगातार पसीना आ रहा है, जिससे वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी महसूस हो रही है.

अस्पतालों में बढ़े मरीज, मौसम विभाग का अलर्ट

लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के कारण स्थानीय अस्पतालों में डिहाइड्रेशन और पेट से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है.हालांकि मौसम विभाग ने उत्तर-मध्य बिहार के जिलों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया है, लेकिन फिलहाल गर्मी के आगे सारे पूर्वानुमान बेअसर साबित हो रहे हैं.डॉक्टरों के मुताबिक, इस मौसम में लोगों को विशेष सावधानी और सतर्कता बरतने की सख्त जरूरत है.

मौसम विभाग का अलर्ट

स्वास्थ्य संस्थान अलर्ट, अस्पतालों में पुख्ता इंतजाम

भीषण गर्मी और लू की गंभीर स्थिति को देखते हुए सिविल सर्जन डॉक्टर हरेंद्र कुमार ने जिले के सभी प्राथमिक, सामुदायिक, अनुमंडलीय और सदर अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है.सभी सरकारी अस्पतालों में ओआरएस (ORS), आईवी फ्लूइड और एंटी-डायरियाल दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है.लू से प्रभावित गंभीर मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों में विशेष ‘डेडिकेटेडवार्ड’ बनाए गए हैं, जहां बेड की समुचित व्यवस्था के साथ ही 24 घंटे डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की रोस्टर के अनुसार तैनाती की गई है.

24 घंटे एंबुलेंस सेवा एक्टिव, ऑन-कॉल रहेंगे विशेषज्ञ डॉक्टर

सिविल सर्जन के निर्देश पर जिले की सभी एंबुलेंस में एयर कंडीशनर (AC), ऑक्सीजन और आवश्यक उपकरणों की क्रियाशीलता को दुरुस्त कर चालकों को 24 घंटे मुस्तैद रहने को कहा गया है.आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों को भी 24 घंटे ‘ऑनकॉल’ ड्यूटी पर रहने का निर्देश दिया गया है.

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Published by: SUMIT KUMAR

सुमित पत्रकारिता में पिछले 4 वर्षों से सक्रिय। प्रभात खबर के प्रिंट मीडिया के साथ काम करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम से जुड़े हुए हैं। क्राइम, हाईपरलोकल, स्वास्थ्य विभाग व राजनीतिक रिपोर्टिंग में विशेष रुचि और अनुभव रखते हैं। क्षेत्रीय मुद्दों और जनसरोकार की खबरों को सशक्त तरीके से उठाने के लिए जाने जाते हैं।

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