Madhubani News: मधुबनी सदर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने सख्त रुख अपनाया है. रविवार देर रात किए गए औचक निरीक्षण में अस्पताल की कई खामियां सामने आने के बाद डीएम ने अस्पताल उपाधीक्षक (डीएस) समेत अनुपस्थित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा है और अगले आदेश तक उनके वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है.
रेफर के खेल पर सख्ती
निरीक्षण के दौरान डीएम ने पाया कि इमरजेंसी वार्ड से ऑर्थोपेडिक मरीजों को बिना ठोस कारण के रेफर किया जा रहा था. इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि अब हर रेफर मरीज का स्पष्ट कारण दर्ज किया जाए और उसकी रिपोर्ट प्रतिदिन डीएम कार्यालय को भेजी जाए.
बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य
डीएम ने सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य रूप से दर्ज करने का निर्देश दिया. साथ ही रोस्टर में बदलाव कर हर शिफ्ट में वरीय चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया.
बिचौलियों और एजेंटों पर कार्रवाई
अस्पताल परिसर में बाहरी एजेंटों और निजी क्लीनिक के बिचौलियों की मौजूदगी पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि इमरजेंसी के आसपास अनधिकृत लोगों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जाए.
अनुपस्थित अधिकारियों पर भी सवाल
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन और विभागीय नोडल पदाधिकारी के अनुपस्थित रहने पर भी डीएम ने नाराजगी जताई और सिविल सर्जन को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. इसके अलावा दवाइयों की उपलब्धता के बावजूद उनके रखरखाव में लापरवाही पाए जाने पर भी जवाब तलब किया गया है.
डीएम ने स्पष्ट किया कि अस्पताल की व्यवस्था में सुधार लाने के लिए लगातार निगरानी की जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
मधुबनी से अनिल कुमार झा की रिपोर्ट
