Madhubani News:ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर देशव्यापी आंदोलन के तहत मधुबनी जिले की सभी दवा दुकानें पूरी तरह बंद रहीं. बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के नेतृत्व में दवा विक्रेताओं ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और अपनी संगठित शक्ति का परिचय दिया. इस दौरान जिले भर में आवश्यक दवाओं की दुकानें बंद रहने से पारंपरिक दवा कारोबारियों का कड़ा विरोध देखने को मिला.
जनस्वास्थ्य और रोजगार बचाने के लिए एकजुट हुए केमिस्ट
आंदोलन के दौरान आयोजित प्रदर्शन में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह बंद किसी व्यक्तिगत व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं है. यह कदम जनस्वास्थ्य की सुरक्षा, औषधि वितरण व्यवस्था की विश्वसनीयता और लाखों छोटे-मध्यम लाइसेंसधारी दवा विक्रेताओं के भविष्य की रक्षा के लिए उठाया गया है. केमिस्टों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की अनियमितताओं के कारण पारंपरिक दवा विक्रेताओं के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. फार्मा ट्रेड के सेल्स से जुड़े लोगों ने भी इस आंदोलन को अपना लिखित समर्थन दिया.
ई-फार्मेसी और दवाओं की होम डिलीवरी पर रोक लगाने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार से ऑनलाइन दवाओं की अनियंत्रित बिक्री पर तुरंत रोक लगाने की मांग की. वक्ताओं ने कहा कि बिना वैध ड्रग लाइसेंस और डॉक्टर के पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) के दवाओं की होम डिलीवरी पर प्रभावी नियंत्रण होना चाहिए. ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स द्वारा दी जा रही अत्यधिक छूट की नीति को बंद किया जाए, जिससे बाजार में असमान प्रतिस्पर्धा पैदा हो रही है. ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए एक स्पष्ट, पारदर्शी और कठोर नियामक ढांचा तैयार होना बेहद जरूरी है ताकि मरीजों की सुरक्षा और कानून का पालन सुनिश्चित हो सके.
कोरोना काल के फ्रंटलाइन वर्कर्स आज नीतिगत अस्पष्टता से परेशान
केमिस्ट्स ने याद दिलाया कि कोविड-19 महामारी जैसी आपदा के समय उन्होंने फ्रंटलाइन स्वास्थ्य सहयोगी के रूप में 24 घंटे सेवाएं दी थीं. आज वही केमिस्ट नीतिगत अस्पष्टता के कारण चिंतित हैं. मधुबनी केमिस्ट्स एवं ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो वे चरणबद्ध आंदोलन करेंगे. प्रदर्शन में उदय जायसवाल, ललन राउत, जगजीवन यादव, मनोज कुमार, नरेश यादव, प्रवीण कुमार, गगन राय, गुलाब कुमार, जैकी अहमद और सन्नी सहित बड़ी संख्या में दवा दुकानदार शामिल हुए
मधुबनी से नागेंद्र नाथ झा रिपोर्ट
