Madhubani News: उद्योग विभाग (बिहार सरकार) की महत्वाकांक्षी स्टार्टअप बिहार योजना के तहत जिला उद्योग केंद्र के सभागार में एक दिवसीय ‘लीगल एंड कंप्लायंस क्लिनिक’ (कानूनी और विनियामक अनुपालन कार्यशाला) का सफल आयोजन किया गया. इस विशेष कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले के नवोदित उद्यमियों, छात्र अन्वेषकों और स्थानीय एमएसएमई (MSME) को व्यापार शुरू करने के नियमों, विनियामक ढांचे, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) और कर नियमों की पेचीदगियों से अवगत कराना था. इस उच्चस्तरीय तकनीकी सत्र की अध्यक्षता जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक रमेश कुमार शर्मा ने की.
स्टार्टअप पॉलिसी 2022 के तहत मिलेगा 10 लाख का सीड फंड
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए जिला स्टार्टअप कोऑर्डिनेटर कुमार हार्दिक ने अतिथियों का स्वागत किया. उन्होंने बिहार स्टार्टअप नीति 2022 पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सरकार नए नवाचारियों को 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त सीड फंड और तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है. वहीं प्रसिद्ध स्टार्टअप व टैक्स कंसलटेंट डॉ. प्रशांत कुमार ने ट्रेडमार्क, पेटेंट और कॉपीराइट के तकनीकी पहलुओं पर मास्टरक्लास ली. मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अवर निबंधक प्रणव शेखर ने युवाओं को व्यवसाय के कानूनी पंजीकरण की सरल प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया.
टैक्स कंप्लायंस और बुनियादी ढांचे को लेकर मिला मार्गदर्शन
वाणिज्य कर विभाग के संयुक्त आयुक्त प्रेम चंद्र भारती एवं धर्मदेव कुमार ने बताया कि जीएसटी (GST) के नियम अब बेहद सरल हो चुके हैं, जो ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देते हैं. बियाडा के क्षेत्रीय प्रबंधक राजीवनाथ पाठक ने बताया कि उद्यमियों को विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए बियाडा अत्यंत सुलभ तरीके से औद्योगिक भूमि और प्लग-एंड-प्ले स्पेस उपलब्ध करा रहा है. स्टार्टअप सेल के फैकल्टी इन-चार्ज शशांक सौरभ ने आइडिया से लेकर बाजार में उतरने तक हर कदम पर मेंटरशिप देने की बात कही.
अब हर महीने आयोजित होगी ट्रेनिंग कार्यशाला
महाप्रबंधक रमेश कुमार शर्मा ने युवाओं से विभाग की विभिन्न योजनाओं और सब्सिडी का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया. कार्यशाला में युवाओं के भारी उत्साह को देखते हुए स्टार्टअप सेल ने घोषणा की कि अब हर महीने अलग-अलग महत्वपूर्ण व्यावसायिक विषयों पर इसी प्रकार के एंटरप्रेन्योरशिप ट्रेनिंग कार्यक्रमों का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा.
मधुबनी से नागेंद्रनाथ झा की रिपोर्ट
