Madhubani News: 9 जून को आयुष्मान आरोग्य मंदिर और जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की होगी मुफ्त जांच

Madhubani News: प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूरे होने पर मधुबनी सहित पूरे बिहार में 9 जून को विशेष जांच अभियान चलेगा. जानें गर्भवती महिलाओं के लिए क्या हैं विशेष सुविधाएं.

Madhubani News: बिहार में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है. प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के सफल 10 वर्ष पूरा होने के ऐतिहासिक अवसर पर राज्य स्वास्थ्य समिति ने आगामी 9 जून 2026 को पूरे प्रदेश में विशेष मातृ स्वास्थ्य अभियान चलाने का निर्देश जारी किया है.

इस संबंध में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पाण्डेय ने पत्र जारी कर सभी जिलों के सिविल सर्जनों को आवश्यक तैयारियां समय से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. इस वर्ष इस विशेष अभियान की थीम “10 वर्ष सुरक्षित गर्भावस्था, स्वस्थ मां, सशक्त भारत” रखी गई है. इसका मुख्य उद्देश्य हर गर्भवती महिला तक गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच (ANC) और विशेषज्ञ डॉक्टरों का परामर्श पहुंचाना है.


तिमाही के अनुसार तय हुए केंद्र, पहली तिमाही की महिलाओं को मिलेगी विशेष सुविधा

विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में 9 जून को विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे. महिलाओं की सुविधा और बेहतर ट्रैकिंग के लिए गर्भावस्था की तिमाही के आधार पर जांच केंद्रों का वर्गीकरण किया गया है.

प्रथम तिमाही (First Trimester) की सभी गर्भवती महिलाओं की मुकम्मल जांच स्थानीय स्तर पर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM) में आयोजित विशेष शिविरों के माध्यम से की जाएगी. यहाँ महिलाओं को प्रसव पूर्व आवश्यक जांचों के साथ-साथ पोषण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी जाएंगी.


एक नजर में देखें: पीएमएसएमए विशेष शिविर 2026 का पूरा वेदर प्रोफाइल (शेड्यूल)

गर्भवती महिलाओं की जांच और परामर्श व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए तैयार किया गया प्रशासनिक खाका नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं:

गर्भावस्था की अवधि (Trimester)निर्धारित जांच केंद्र (Health Centers)उपलब्ध कराई जाने वाली मुख्य चिकित्सा सुविधाएं
प्रथम तिमाही (First Trimester)आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM)प्रसव पूर्व जांच (ANC), रक्तचाप (BP), हीमोग्लोबिन, वजन की माप और पोषण संबंधी विशेषज्ञ परामर्श.
द्वितीय एवं तृतीय तिमाही (2nd & 3rd Trimester)FRU, जिला अस्पताल एवं अनुमंडलीय अस्पतालविशेषज्ञ चिकित्सकों से सीधा परामर्श, जटिलताओं की बारीकी से जांच.
विशेष फोकस (High Risk)सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानअधिक जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (HRP) की पहचान, समय पर उचित उपचार और त्वरित रेफरल सुविधा.

बीते 10 वर्षों में मातृ-शिशु मृत्यु दर में आई भारी कमी: सिविल सर्जन

मधुबनी के सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र कुमार ने अभियान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के लिए वरदान साबित हुआ है. पिछले एक दशक में इस योजना के माध्यम से हजारों महिलाओं को समय पर चिकित्सकीय सहायता मिली है, जिससे प्रसव के दौरान होने वाले जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सका है.

सिविल सर्जन की आम जनता से विशेष अपील: इस महा-अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए जिला स्तर पर आशा (ASHA), एएनएम (ANM) और सभी स्वास्थ्यकर्मियों को घर-घर जाकर जागरूकता फैलाने का निर्देश दिया गया है. सभी गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से अपील है कि वे आने वाली 9 जून को अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जरूर पहुंचें और इस निःशुल्क जांच शिविर का लाभ उठाएं, ताकि एक सुरक्षित गर्भावस्था और स्वस्थ प्रसव का संकल्प पूरा हो सके.

मधुबनी से अनिल कुमार झा की रिपोर्ट

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Published by: Aaruni Thakur

प्रभात खबर में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत आरुणि ठाकुर, पत्रकारिता के क्षेत्र में गहरी रुचि रखते हैं। देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद, वर्तमान में वे समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर कर रहे हैं। विस्तार न्यूज और इंडिया न्यूज जैसे संस्थानों में अनुभव प्राप्त आरुणि को हाइपरलोकल खबरों, राजनीति और डॉक्यूमेंट्री निर्माण में विशेष रुचि है।

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