Madhubani News: मधुबनी जिले के बाबूबरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठी आशा कार्यकर्ताओं को सोमवार को बड़ा समर्थन मिला. बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ की राज्य अध्यक्ष एवं एमएलसी शशि यादव धरना स्थल पहुंचीं और आंदोलनरत आशा एवं फैसिलिटेटर कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया.
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23 जून से जारी है कार्य बहिष्कार
एमएलसी शशि यादव ने कहा कि बिहार की आशा कार्यकर्ता 23 जून से पूरे राज्य में कार्य बहिष्कार पर हैं. उन्होंने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में 11 माह के बकाया मानदेय का भुगतान और तीन महीने से बंद पड़े पोर्टल को चालू करना शामिल है.
सरकार ने कुछ मांगें मानी, लेकिन आंदोलन जारी
शशि यादव ने कहा कि आंदोलन के दबाव के बाद सरकार ने अधिकांश आशा कार्यकर्ताओं का बकाया मानदेय उनके खातों में भेजना शुरू कर दिया है. उनके अनुसार लगभग 80 से 90 प्रतिशत कार्यकर्ताओं को भुगतान किया जा चुका है और बंद पड़ा पोर्टल भी खोल दिया गया है.
हालांकि उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने और एकमुश्त 10 लाख रुपये का सेवानिवृत्ति पैकेज देने जैसी प्रमुख मांगों पर अब भी सरकार की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया है.
“मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा”
एमएलसी ने स्पष्ट कहा कि जब तक सरकार शेष मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लेती, तब तक आशा कार्यकर्ताओं का आंदोलन और मजबूती के साथ जारी रहेगा.
बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता रहीं मौजूद
धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता श्यामा कर्ण ने की. इस दौरान पिंकी कुमारी, मुन्नी कुमारी, निर्मला देवी, चंदा देवी, उषा कुमारी, मीना देवी सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता और फैसिलिटेटर मौजूद रहीं.
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