मधुबनी से कार्तिक की रिपोर्ट
Madhubani News: साहित्य अकादमी नई दिल्ली एवं साहित्यिकी, सरिसब-पाही के संयुक्त तत्वावधान में भटपुरा स्थित शांति कुंज में द्वि-दिवसीय प्रो. मुक्तिनाथ झा जन्म शताब्दी संगोष्ठी का आयोजन किया गया.समारोह के दूसरे दिन के कार्यक्रम की शुरुआत बहुप्रतीक्षित पुस्तक ‘परिचय प्रसून’ के लोकार्पण के साथ हुई.यह पुस्तक प्रो. मुक्तिनाथ झा के ज्येष्ठ पुत्र डॉ. जयनाथ झा ‘सुधीर’ के दामाद नवीन कुमार झा ‘शरद’ द्वारा रचित है,जो मैथिली साहित्य जगत के लिए एक अनमोल धरोहर है.
दिग्गज साहित्यकारों ने किया पुस्तक का विमोचन
समारोह के दौरान मंच पर मौजूद देश के प्रख्यात साहित्यकारों और विद्वानों ने इस कृति का सामूहिक रूप से लोकार्पण किया.लोकार्पण करने वालों में डॉ. जगदीश मिश्र, डॉ. अजित मिश्र, डॉ. अरविन्द कुमार सिंह झा, डॉ. सत्येन्द्र कुमार झा, डॉ. रमानन्द झा ‘रमण’, डॉ. इन्द्रनाथ झा, डॉ. कृष्णकान्त झा और प्रसिद्ध नाटककार शैलेन्द्र आनन्द शामिल रहे.इस गौरवमयी क्षण का गवाह बनने के लिए बड़ी संख्या में क्षेत्र के प्रबुद्धजन और साहित्यप्रेमी कार्यक्रम में उपस्थित थे.
सरिसब-पाही के 27 साहित्यकारों के कृतित्व का है चित्रण
मैथिली भाषा में लिखित ‘परिचय प्रसून’ पुस्तक में दरभंगा और मधुबनी जिला के अंतर्गत आने वाले सरिसब-पाही परिसर के 27 महान साहित्यकारों के व्यक्तित्व और उनके साहित्यिक कृतित्व का बेहद सुंदर व सजीव चित्रण किया गया है.यह पुस्तक मैथिली भाषा के छात्रों, शोधार्थियों एवं सुधी पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक साबित होगी.कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अजित मिश्र ने किया.इस मौके पर डॉ. यशोधनाथ झा, हरिनाथ झा, डॉ. अपर्णा कुमारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.
