मधुबनी से नागेंद्र नाथ झा की रिपोर्ट
Madhubani News: शहर के संकट मोचन कॉलोनी स्थित मिथिला वाटिका में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कन्सियसनेस (इस्कॉन) द्वारा भव्य ‘पुण्यम महोत्सव’ का आयोजन किया गया. इस धार्मिक समागम में इस्कॉन के जोनल सुपरवाइजर, आईआईटी गोल्ड मेडलिस्ट और यूथ आइकन सुंदर गोपाल प्रभुजी ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का वाचन कर उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया.
मां सीता की पावन भूमि है मिथिला
कथा वाचन के दौरान सुंदर गोपाल प्रभुजी ने मिथिला की महिमा का विशेष रूप से वर्णन किया. उन्होंने कहा कि यह पवित्र नगरी माता सीता के आदर्शों से रची-बसी है और यहां की हर माता-बहन साक्षात सीता स्वरूपा है. इसके साथ ही उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण के प्रसंगों की चर्चा करते हुए बताया कि कुरुक्षेत्र के मैदान में भगवान श्रीकृष्ण ने किस तरह अर्जुन का मोहभंग कर उन्हें गीता का अमर ज्ञान दिया था.
युवाओं से स्वच्छ और सुंदर आचरण अपनाने की अपील
यूथ आइकन सुंदर गोपाल प्रभुजी ने कार्यक्रम में मौजूद युवा पीढ़ी को खास संदेश दिया. उन्होंने युवाओं से अपने आचरण और चरित्र को स्वच्छ व मर्यादित बनाने का आग्रह किया, ताकि आने वाली पीढ़ियों को उनसे सही सीख और प्रेरणा मिल सके. इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण ‘हरिनाम संकीर्तन’ रहा, जिसके भजनों पर पंडाल में मौजूद तमाम श्रद्धालु झूमने पर मजबूर हो गए. कथा की समाप्ति के बाद महाप्रसाद का वितरण किया गया.
महोत्सव में बड़ी संख्या में उमड़े श्रद्धालु
कार्यक्रम की आयोजक डॉ. अनीता झा ने कहा कि इस तरह के आध्यात्मिक आयोजनों से समाज और खासकर युवाओं को सही दिशा मिलती है. धार्मिक अनुष्ठान में इस्कॉन मधुबनी के प्रबंधक राम बलराम प्रभुजी, अर्चिता राधिका, आनंद हरि प्रभु, अश्वनी प्रभु, महेश प्रभु, रितेश प्रभु, अशोक प्रभु, अमित प्रभु, प्रेमदा सीता, सीता प्रिया, पिंकी, संगीता पांडेय, रूणा माता, पूजा और स्वीटी सहित सैकड़ों की संख्या में सनातन धर्मावलंबी उपस्थित थे.
