मधुबनी से नागेंद्र नाथ झा की रिपोर्ट
Madhubani News: मधुबनी में पंचायतों के विकास की रूपरेखा को और मजबूत बनाने के लिए जिला स्तर पर एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई. डीआरडीए सभागार में हुए इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP), पीपुल्स प्लान कैंपेन और 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों को विस्तार से जानकारी दी गई. अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण विकास की असली तस्वीर तभी बदलेगी, जब योजनाएं गांव की जरूरतों के आधार पर तैयार हों और उसमें लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो.
विकास योजनाओं पर दिया गया विशेष जोर
कार्यशाला का उद्घाटन जिला परिषद अध्यक्ष बिंदु गुलाब यादव, उप विकास आयुक्त सुमन प्रसाद साह और जिला पंचायत राज पदाधिकारी राकेश कुमार झा ने संयुक्त रूप से किया. इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना पंचायतों के सर्वांगीण विकास का आधार है और इसके निर्माण में स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
जनभागीदारी और ग्राम सभा की भूमिका पर चर्चा
प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न प्रखंडों के प्रमुख, उपप्रमुख, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी और कार्यपालक सहायकों ने हिस्सा लिया. प्रतिभागियों को ग्राम सभा की भूमिका, पंचायत संसाधनों के आकलन, विभागीय समन्वय और पीपुल्स प्लान कैंपेन के विभिन्न चरणों की जानकारी दी गई. साथ ही 16वें वित्त आयोग से जुड़े प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा हुई.
पंचायत प्रतिनिधियों को बताए गए व्यावहारिक तरीके
प्रशिक्षकों ने डेटा आधारित योजना निर्माण, पंचायतों की विकास प्राथमिकताओं के निर्धारण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीतियों पर प्रकाश डाला. जिला पंचायत राज पदाधिकारी राकेश कुमार झा ने कहा कि GPDP केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि पंचायतों के विकास का रोडमैप है.
प्रशिक्षण को बताया उपयोगी
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे पंचायत स्तर पर बेहतर और जनहितकारी योजनाएं तैयार करने में मदद मिलेगी. साथ ही विकास कार्यों में पारदर्शिता और जनभागीदारी भी बढ़ेगी.
