मधुबनी: आयुष्मान योजना ने दिया मासूम को नया जीवन, गंभीर बीमारी से जूझ रहे बच्चे का सफल इलाज

Published by : Aniket Kumar Updated At : 09 Jun 2026 11:40 AM

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बच्चे के साथ चंदा कुमारी व परिजन

Madhubani News: मधुबनी की चंदा कुमारी के नवजात बच्चे की हालत गंभीर होने पर आयुष्मान भारत योजना सहारा बनी. करीब एक लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलने से बच्चे की जान बची और परिवार को आर्थिक संकट से भी राहत मिली है. पढे़ं पूरी खबर…

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मधुबनी से अनिल कुमार झा की रिपोर्ट

Madhubani News: मधुबनी की रहने वाली 23 वर्षीय चंदा कुमारी के लिए पिछले कुछ दिन किसी कठिन परीक्षा से कम नहीं थे. समय से पहले प्रसव होने के बाद उनके नवजात बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई. डॉक्टरों ने तत्काल विशेष इलाज की जरूरत बताई तो परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल इलाज के खर्च का खड़ा हो गया. आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार की उम्मीदें टूटने लगी थीं, लेकिन इसी बीच आयुष्मान भारत योजना उनके लिए राहत बनकर सामने आई.

नवजात की हालत बिगड़ने से बढ़ी चिंता

चंदा कुमारी का परिवार सीमित आय पर निर्भर है. गर्भावस्था के दौरान जांच और दवाइयों पर पहले ही काफी खर्च हो चुका था. ऐसे में समय से पहले बच्चे के जन्म और फिर उसकी गंभीर स्थिति ने परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दीं. नवजात को तुरंत विशेष चिकित्सा सुविधा की जरूरत थी.

इलाज के खर्च ने बढ़ाई परेशानी

परिजनों के मुताबिक बच्चे को बेहतर इलाज दिलाने के लिए बड़ी रकम की जरूरत थी. पहले से आर्थिक दबाव झेल रहे परिवार के लिए यह चुनौती काफी बड़ी थी. हर दिन यही चिंता बनी हुई थी कि इलाज के लिए पैसे कहां से आएंगे.

आयुष्मान योजना बनी सहारा

इसी दौरान आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ने परिवार को बड़ी राहत दी. जिले के एक सूचीबद्ध निजी अस्पताल में बच्चे का इलाज शुरू कराया गया. योजना के तहत करीब एक लाख रुपये तक की चिकित्सा सुविधा पूरी तरह कैशलेस उपलब्ध कराई गई, जिससे परिवार पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ा.

स्वस्थ होकर घर लौटा नवजात

समय पर इलाज मिलने से बच्चे की हालत में तेजी से सुधार हुआ. डॉक्टरों की निगरानी में उपचार के बाद नवजात स्वस्थ होकर घर लौट आया. चंदा कुमारी कहती हैं कि अगर आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिलता तो बच्चे का इलाज कराना बेहद मुश्किल हो जाता. जिला आयुष्मान समन्वयक कुमार प्रियरंजन ने बताया कि योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि इलाज के अभाव में किसी की जिंदगी खतरे में न पड़े.

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Aniket Kumar

लेखक के बारे में

By Aniket Kumar

अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.

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