Madhubani News: मधुबनी जिले के बाबूबरही प्रखंड क्षेत्र से ग्रामीण बुनियादी ढांचे की पोल खोलने वाली एक गंभीर तस्वीर सामने आई है. प्रखंड के विभिन्न इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश ने जहाँ लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी है, वहीं घोंघौर गांव के लोगों के लिए यह आफत बन कर बरसी है. शुक्रवार को हुई भारी बारिश के कारण घोंघौर गांव से तटबांध को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
स्थिति यह है कि हल्की सी बारिश होते ही पूरी सड़क तालाब का रूप ले लेती है. सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने और उनमें पानी भर जाने के कारण यातायात पूरी तरह से बाधित हो चुका है.
स्कूली बच्चे और मरीज सबसे ज्यादा परेशान, दुर्घटनाओं का बढ़ा खतरा
इस मुख्य संपर्क मार्ग की हालत इतनी खस्ता हो चुकी है कि यहाँ से गुजरना जान जोखिम में डालने जैसा है. स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार इस सड़क का इस्तेमाल रोजाना सैकड़ों किसान, दूध विक्रेता और स्कूली छात्र करते हैं. सड़क पर जलजमाव होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों और गंभीर मरीजों को हो रही है.
- बच्चों की मजबूरी: स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को मजबूरन गंदे कीचड़ और बदबूदार पानी से होकर पैदल गुजरना पड़ रहा है.
- स्वास्थ्य सेवाओं पर असर: आपातकालीन स्थिति में किसी मरीज को अस्पताल ले जाना हो, तो एम्बुलेंस या अन्य वाहनों का इस मार्ग से गुजरना लगभग असंभव हो जाता है.
- छिपे हुए गड्ढे बने काल: पानी भरा होने के कारण सड़क के जानलेवा गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे बाइक और साइकिल सवार आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं.
लाइव विजुअल रिपोर्ट (फोटो): घोंघौर गांव की मुख्य सड़क पर घुटने भर भरे पानी और कीचड़ के बीच से संतुलन बनाकर स्कूल जाते मासूम बच्चे. यह तस्वीर स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के विकास के दावों की जमीनी हकीकत बयां करने के लिए काफी है.
एक नजर में देखें: घोंघौर मुख्य सड़क जलजमाव प्रोफाइल
| प्रभावित क्षेत्र / गांव | मुख्य समस्या का कारण | सबसे ज्यादा प्रभावित वर्ग | ग्रामीणों की मुख्य मांग |
|---|---|---|---|
| घोंघौर गांव (तटबांध मुख्य सड़क), बाबूबरही | शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश और जल निकासी (Drainage) की व्यवस्था न होना. | स्कूली छात्र, किसान, पैदल यात्री और आपातकालीन मरीज. | सड़क की तत्काल मरम्मत और पानी निकासी के लिए पक्के नाले का निर्माण. |
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यह समस्या कोई नई नहीं है. हर साल मानसून और सामान्य बारिश के दौरान इस मुख्य मार्ग की यही दुर्दशा हो जाती है. सड़क किनारे जल निकासी के लिए कोई नाला या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बनाई गई है, जिसके कारण घरों और बारिश का पानी सड़क पर ही जमा रहता है.
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को लिखित व मौखिक शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले हैं, कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया. थक-हारकर अब ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि तटबांध जाने वाली इस लाइफलाइन सड़क की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए और जल निकासी के लिए नाले का निर्माण सुनिश्चित किया जाए ताकि आम जनता को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके.
मधुबनी से अवनीश कुमार कर्ण की रिपोर्ट
