Madhubani Mandi Bhav: जानें गिलेशन मंडी में खाद्य तेलों के ताजा दाम

Madhubani Mandi Bhav: मधुबनी की गिलेशन मंडी में 11 जून 2026 को खाद्य तेल और चावल के दाम बढ़ गए हैं. सरसों तेल, रिफाइंड और कई प्रमुख चावल ब्रांडों में तेजी दर्ज की गई है.

Madhubani Mandi Bhav: मधुबनी की प्रमुख गिलेशन मंडी में 11 जून 2026 को खाद्य तेल और खाद्यान्न की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है. बाजार से मिली जानकारी के अनुसार डीजल और पेट्रोल की बढ़ती लागत का असर अब सीधे किराना बाजार पर दिखाई देने लगा है. सरसों तेल, रिफाइंड और कई लोकप्रिय ब्रांडों के खाद्य तेलों के साथ-साथ चावल की विभिन्न किस्मों के दाम भी बढ़े हैं. इस बदलाव का सीधा असर आम उपभोक्ताओं और गृहस्थी के मासिक बजट पर पड़ रहा है.


मुख्य घटना का विस्तृत विवरण

गिलेशन मंडी में सबसे अधिक असर खाद्य तेलों की कीमतों पर देखने को मिला है. सफोला गोल्ड, सलोनी सरसों तेल, पहलवान सरसों तेल और फॉर्च्यून रिफाइंड समेत कई प्रमुख ब्रांडों के दामों में वृद्धि दर्ज की गई है. व्यापारियों के अनुसार तेल की कीमतों में 5 रुपये से लेकर 15 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है.

वहीं खाद्यान्न बाजार में भी तेजी का माहौल बना हुआ है. मंडी के कारोबारियों का कहना है कि कतरनी, बासमती, मंसूरी और अन्य चावल किस्मों के भाव में 3 से 4 रुपये प्रति किलो तक की वृद्धि हुई है. थोक बाजार में आई इस तेजी का असर खुदरा दुकानों पर भी दिख रहा है.


पृष्ठभूमि / प्रशासनिक / कानूनी / तकनीकी जानकारी

मंडी कारोबारियों के अनुसार बाहरी राज्यों और मिलों से आने वाले माल की ढुलाई लागत लगातार बढ़ रही है. ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण परिवहन खर्च बढ़ा है, जिसका असर सीधे खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है. थोक व्यापारियों का मानना है कि जब तक परिवहन लागत में कमी नहीं आती, तब तक किराना बाजार में कीमतों के स्थिर होने की संभावना कम है.


एक नजर में: मुख्य जानकारी

मुख्य बिंदुविवरण
जिलामधुबनी
बाजारगिलेशन मंडी
तिथि11 जून 2026
सबसे अधिक असरखाद्य तेल और चावल
बढ़ोतरी का कारणपरिवहन एवं माल ढुलाई लागत

कार्रवाई / प्रभाव / आगे क्या होगा

खाद्य तेल और चावल की कीमतों में आई वृद्धि का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ सकता है. व्यापारियों का कहना है कि यदि ईंधन और परिवहन लागत में और वृद्धि होती है, तो आने वाले दिनों में अन्य खाद्य वस्तुओं के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं. उपभोक्ताओं को खरीदारी से पहले बाजार भाव की जानकारी लेने की सलाह दी गई है.


महत्वपूर्ण तथ्य

  • सफोला गोल्ड में 15 रुपये प्रति लीटर की सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज हुई.
  • सलोनी और पहलवान सरसों तेल 10 रुपये प्रति लीटर महंगे हुए.
  • फॉर्च्यून रिफाइंड में 5 रुपये प्रति लीटर की तेजी आई.
  • चावल की कई किस्मों में 3 से 4 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई.
  • परिवहन लागत को महंगाई का प्रमुख कारण माना जा रहा है.

गिलेशन मंडी: खाद्य तेल के ताजा भाव

खाद्य सामग्री / ब्रांडपहले का भावनया भावबढ़ोतरी
सफोला गोल्ड (प्रति लीटर)₹195₹210₹15
सलोनी सरसों तेल (प्रति लीटर)₹165₹175₹10
पहलवान सरसों तेल (प्रति लीटर)₹180₹190₹10
इंजन तेल (प्रति लीटर)₹195₹200₹5
फॉर्च्यून रिफाइंड (प्रति लीटर)₹145₹150₹5

चावल बाजार की स्थिति

चावल की किस्मबाजार रुझान
कतरनी चावल₹3-₹4 प्रति किलो तेजी
बासमती चावल₹3-₹4 प्रति किलो तेजी
मंसूरी चावल₹3-₹4 प्रति किलो तेजी
अन्य किस्मेंकीमतों में वृद्धि दर्ज

मंडी कारोबारियों की राय: बाहरी राज्यों से आने वाले माल की ढुलाई लागत बढ़ने के कारण किराना बाजार में कीमतों पर दबाव बना हुआ है. उपभोक्ताओं को खरीदारी से पहले मुख्य मंडी के भाव की जानकारी लेकर ही बाजार जाने की सलाह दी जा रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Aaruni Thakur

प्रभात खबर में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत आरुणि ठाकुर, पत्रकारिता के क्षेत्र में गहरी रुचि रखते हैं। देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद, वर्तमान में वे समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर कर रहे हैं। विस्तार न्यूज और इंडिया न्यूज जैसे संस्थानों में अनुभव प्राप्त आरुणि को हाइपरलोकल खबरों, राजनीति और डॉक्यूमेंट्री निर्माण में विशेष रुचि है।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >