Madhubani News: मधुबनी जिले की 50 चयनित ग्राम पंचायतों के मुखिया अब दूसरे राज्यों की पंचायतों में हो रहे बेहतर कामकाज को करीब से समझेंगे. बिहार राज्य पंचायत संसाधन संस्था के तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय राज्य से बाहर अध्ययन भ्रमण के लिए नामित मुखिया मंगलवार को वाराणसी रवाना हुए. वहां उन्हें उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों की कार्यप्रणाली, नवाचार और विकास योजनाओं की जानकारी दी जाएगी.
वाराणसी की पंचायतों का देखेंगे मॉडल
अध्ययन भ्रमण के दौरान मधुबनी के मुखिया उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले की उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों का दौरा करेंगे. यहां पंचायत स्तर पर संचालित सफल विकासात्मक गतिविधियों और नवाचारों का अध्ययन कराया जाएगा.
इस दौरान मुखिया यह समझेंगे कि पंचायतों में बेहतर प्रशासन, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और जनभागीदारी को किस तरह मजबूत किया जा रहा है. वहां की सफल कार्यप्रणालियों को अपने पंचायत क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार अपनाने के लिए उन्हें प्रेरित किया जाएगा.
सुशासन से लेकर डिजिटल सेवाओं तक की मिलेगी जानकारी
चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य केवल पंचायतों का भ्रमण कराना नहीं है. इसके तहत मुखिया को सुशासन व्यवस्था, पंचायत विकास की प्रभावी कार्यप्रणाली, जनभागीदारी, स्वच्छता और सतत विकास जैसे विषयों की जानकारी दी जाएगी.
इसके साथ ही डिजिटल सेवाओं तथा पंचायत स्तर पर किए जा रहे विभिन्न विकासात्मक और नवाचारात्मक कार्यों को भी समझने का अवसर मिलेगा. इससे मुखिया अपने क्षेत्रों में बेहतर योजनाओं को लागू करने के लिए नए विचार प्राप्त कर सकेंगे.
जिला पंचायत संसाधन केंद्र से रवाना हुई बस
मधुबनी से वाराणसी जाने वाले मुखिया के दल को जिला पंचायत संसाधन केंद्र के जिला नोडल पदाधिकारी विकास कुमार मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस मौके पर आरटीपीएस के नोडल पदाधिकारी रजनीश कुमार समेत जिला पंचायत संसाधन केंद्र के अन्य पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे.
जिला नोडल पदाधिकारी और अधिकारियों ने अध्ययन भ्रमण में शामिल सभी मुखिया को सफल एवं ज्ञानवर्धक यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं.
पंचायतों के बीच होगा अनुभवों का आदान-प्रदान
अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य उत्कृष्ट पंचायतों की कार्यप्रणाली को समझने के साथ-साथ पंचायतों के बीच बेहतर कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान करना भी है. अधिकारियों के अनुसार, भ्रमण से प्राप्त अनुभवों को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप लागू करने से ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को नई दिशा मिल सकती है.
इस पहल से पंचायतों में नवाचार को बढ़ावा देने के साथ प्रशासन को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनोन्मुख बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
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