मधुबनी: मधेपुर टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, मधेपुर में सोमवार को ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता और विज्ञान का भविष्य’ विषय पर एक दिवसीय शैक्षणिक सेमिनार का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव, शिक्षा में इसके उपयोग और तकनीक के जिम्मेदार इस्तेमाल पर चर्चा हुई.
कुरआन तिलावत और सरस्वती वंदना से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के कार्यकारिणी सदस्यों ने किया. सनाउल्लाह ने तिलावते कुरआन और सुगंधा कुमारी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की.
कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. सैफुल्लाह खान ने स्वागत भाषण में AI के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने विद्यार्थियों को नयी तकनीक से मिलने वाले अवसरों के साथ उससे जुड़ी जिम्मेदारियों को भी समझने की सलाह दी.
भावी शिक्षकों के लिए तकनीकी जागरूकता जरूरी
कार्यक्रम में कॉलेज के अध्यक्ष एवं ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य सत्य नारायण अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि भावी शिक्षकों के लिए तकनीकी जागरूकता और निरंतर सीखना बेहद जरूरी है.
उन्होंने विद्यार्थियों को बदलती तकनीकी परिस्थितियों के अनुरूप अपने ज्ञान और कौशल को विकसित करने पर जोर दिया.
विद्यार्थियों ने AI के विभिन्न पहलुओं पर रखे विचार
सेमिनार का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों की प्रस्तुतियां रहीं. काजल कुमारी, सुगंधा कुमारी, सोनाली कुमारी, कुमारी अभिलाषा, निधि कुमारी, शिवानी कुमारी, रंजू कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, किशोर कुमार झा, नितीश कुमार ठाकुर, सुमित कुमार, शाहिन परवीन और अर्तिक मंडल ने AI के विभिन्न पहलुओं, इसके अनुप्रयोगों और वैज्ञानिक विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से अपने विचार रखे.
विशेषज्ञ के रूप में व्याख्याता रिंकू कुमारी और सनाउल्लाह ने शिक्षा के क्षेत्र में AI के महत्व पर चर्चा की.
नैतिक और जिम्मेदार इस्तेमाल पर जोर
समापन टिप्पणी व्याख्याता रिंकी कुमारी ने की. उन्होंने AI के नैतिक और जिम्मेदार उपयोग पर बल दिया. कार्यक्रम के अंत में सहायक प्राध्यापक डॉ. सुशील कुमार राय ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
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