Madhubani News: लदनियां थाना क्षेत्र में करीब 15 वर्ष पहले मतदान को लेकर हुए विवाद में बिरबल यादव की हत्या के मामले में शुक्रवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार पांडेय की अदालत ने फैसला सुनाया. सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी.
दोषियों की पहचान लदनियां थाना क्षेत्र के गजहारा धोवियाटोल निवासी वीरेन्द्र यादव उर्फ ताले यादव और नन्दीलाल यादव के रूप में हुई है. दोनों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उम्रकैद की सजा दी गयी है.
दोनों दोषियों पर लगाया गया जुर्माना
न्यायालय ने दोनों दोषियों पर धारा 302 के तहत 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.
इसके अलावा धारा 307 के तहत दोनों को 10-10 वर्ष कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 341 के तहत 500 रुपये तथा धारा 504/34 के तहत दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी गयी है. सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी.
लोक अभियोजक ने मांगी थी फांसी की सजा
सरकार की ओर से बहस करते हुए लोक अभियोजक शिवशंकर प्रसाद राय ने आरोपियों के कृत्य को अमानवीय बताते हुए न्यायालय से फांसी की सजा देने की मांग की थी. उन्होंने कहा कि ऐसी सजा से समाज में इस तरह के अपराध करने वालों को कड़ा संदेश मिलेगा. वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता जितेन्द्र नारायण ने आरोपियों के लिए कम से कम सजा की मांग की.
पंचायत चुनाव में मतदान को लेकर हुआ था विवाद
अभियोजन के अनुसार घटना 24 अप्रैल 2011 की है. सूचक हरिलाल यादव की पत्नी सीता देवी पंचायत चुनाव में वार्ड सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ रही थीं. वहीं आरोपी वीरेन्द्र यादव उर्फ ताले यादव की पत्नी लालो देवी भी उसी चुनाव में प्रत्याशी थीं.
आरोप था कि वीरेन्द्र यादव चुनाव के दिन मतदाताओं पर दबाव डालकर अपने पक्ष में मतदान कराने की बात करता था और सूचक की पत्नी के खिलाफ प्रचार कर रहा था.
24 अप्रैल को हरिलाल यादव अपने पुत्र बिरबल यादव के साथ मतदान करने जा रहे थे. चन्द्रदेव यादव के घर के सामने पहुंचने पर नन्दीलाल यादव और वीरेन्द्र यादव फरसा लेकर वहां पहुंचे और दोनों को मतदान करने से रोकने लगे.
फरसा से हमला, इलाज के दौरान हुई थी मौत
मतदान करने से रोकने का विरोध करने पर दोनों आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी. इसी दौरान नन्दीलाल यादव के शोर मचाने पर उसके सहयोगी लाठी लेकर वहां पहुंचे.
अभियोजन के अनुसार नन्दीलाल यादव और वीरेन्द्र यादव ने हत्या की नीयत से फरसा से हरिलाल यादव और उनके पुत्र बिरबल यादव के सिर पर हमला कर दिया. दोनों गंभीर रूप से घायल हो गये.
शोर-शराबा होने पर ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी भाग गये. घायल पिता-पुत्र को पहले लदनियां अस्पताल ले जाया गया. बाद में बेहतर इलाज के लिए बिरबल यादव को पटना ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी.
घटना के बाद हरिलाल यादव के फर्द बयान के आधार पर लदनियां थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी.
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