Madhubani News: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर मधुबनी जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं. चार सितंबर को मनाए जाने वाले जन्माष्टमी पर्व को लेकर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक मंदिरों और पूजा पंडालों को सजाने का काम शुरू हो गया है. कहीं मंदिरों को रंग-बिरंगी झालरों और एलईडी लाइट से सजाया जा रहा है, तो कहीं भगवान श्रीकृष्ण की झांकियां तैयार की जा रही हैं. मूर्तिकार भी बाल गोपाल की प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. इधर, जन्माष्टमी को लेकर बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ गई है और श्रद्धालु पूजा सामग्री, लड्डू गोपाल की पोशाक, मुकुट, बांसुरी और झूले की खरीदारी कर रहे हैं.
वंदनवार और रंग-बिरंगे गुब्बारों से सज रहे मंदिर-पंडाल
जन्माष्टमी को लेकर जिले के कई मंदिरों और पूजा पंडालों में सजावट का काम तेजी से चल रहा है. मंदिरों और रास्तों को वंदनवार, झालर और फूलों से सजाया जा रहा है. कई जगहों पर एलईडी लाइट और रंग-बिरंगे गुब्बारों से आकर्षक सजावट की जा रही है.
मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ी झांकियां भी तैयार की जा रही हैं. इन झांकियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है. अंधराठाढ़ी के ठाढी में भी पूजा पंडाल को तैयार किया जा रहा है.
कान्हा के श्रृंगार से लेकर 56 भोग की तैयारी
जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण का विशेष श्रृंगार किया जाएगा. पंडितों के अनुसार भगवान को आकर्षक वस्त्र पहनाए जाएंगे और चांदी के मुकुट सहित देशी-विदेशी फूलों से श्रृंगार किया जाएगा.
मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ भगवान को छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाने की भी तैयारी की जा रही है. इसके लिए श्रद्धालु और पूजा समितियां तैयारियों में जुटी हैं.
Janmashtami 2026: बाजार में बढ़ी चहल-पहल
जन्माष्टमी पर्व को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है. लड्डू गोपाल की आकर्षक पोशाक, मुकुट, बांसुरी, झूला और पूजा सामग्री की दुकानों पर खरीदार पहुंच रहे हैं. रंग-बिरंगे सामान से सजे बाजार श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं.
दुकानदारों को भी जन्माष्टमी के मौके पर बेहतर कारोबार की उम्मीद है. पर्व नजदीक आने के साथ बाजार में खरीदारी और बढ़ने की संभावना है.
जन्माष्टमी पर रोहिणी के बाद लगेगा मृगशिरा नक्षत्र
चार सितंबर को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के समय नक्षत्र और योग में परिवर्तन होगा. जानकारी के अनुसार सुबह से रात 11:04 बजे तक रोहिणी नक्षत्र रहेगा. इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र शुरू होगा.
वहीं हर्षण योग सुबह से दोपहर 3:44 बजे तक रहेगा. इसके बाद वज्र योग शुरू होगा, जो पांच सितंबर को दोपहर 12:47 बजे तक रहेगा. जन्माष्टमी की मध्यरात्रि पूजा के समय मृगशिरा नक्षत्र और वज्र योग का संयोग रहेगा.
Krishna Janmashtami Puja Muhurat: रात 11:57 से 12:43 बजे तक शुभ समय
इस वर्ष जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की पूजा के लिए मध्यरात्रि का समय महत्वपूर्ण रहेगा. पूजा का शुभ समय रात 11:57 बजे से 12:43 बजे तक बताया गया है. इसी अवधि में बाल गोपाल का जन्मोत्सव मनाकर विधि-विधान से पूजा की जा सकती है.
इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:30 से 5:15 बजे तक रहेगा. अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:55 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक और अमृत काल रात 8:03 बजे से 9:33 बजे तक रहेगा.
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