मधुबनी: Kosi River Erosion के कारण मधेपुर अंचल के बकुआ और भरगामा पंचायत में तबाही मची हुई है. भीषण कटाव से दर्जनों परिवार बेघर हो गये हैं, जबकि सैकड़ों एकड़ धान की फसल सहित खेत नदी में समा गये हैं. विस्थापित परिवार खुले आसमान के नीचे पॉलीथीन में रहने को मजबूर हैं.
मामले को लेकर बिहार प्रांतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन, मधुबनी के जिलाध्यक्ष राम नारायण यादव ने प्रशासन पर खानापूर्ति का आरोप लगाया है. उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के दौरान देखा गया कि राहत के नाम पर पीड़ितों को सिर्फ पॉलीथीन सीट देकर औपचारिकता पूरी कर दी गयी है. रहने के लिए न बास की जमीन है, न मकान और न ही खाने का इंतजाम.
बेघर परिवारों को जमीन और आवास देने की मांग
राम नारायण यादव ने सरकार से मांग की है कि कोशी कटाव से बेघर हुए हर परिवार को अविलंब बास के लिए जमीन और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिया जाए. उन्होंने नदी में विलीन हुई जमीन और फसल का उचित मुआवजा देने की भी मांग की.
उन्होंने कहा कि सभी पीड़ित परिवारों के लिए राहत शिविर, राशन, पेयजल और चिकित्सा की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि विस्थापित परिवारों को तत्काल राहत मिल सके.
हर साल उजड़ती है गरीबों की जिंदगी
राम नारायण यादव ने कहा कि हर साल कोशी का कटाव गरीबों की जिंदगी उजाड़ देता है, लेकिन स्थायी कटाव निरोधी कार्य नहीं किये जाते. उन्होंने इसे सिर्फ प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि सरकारी उपेक्षा का भी परिणाम बताया.
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