Madhubani News : प्रतिबंध के बाद भी बेरोक-टोक सड़क पर दौड़ लगा रही है जुगाड़ गाड़ियां

विभागीय गाइड-लाइन कागज पर सख्त दिखती है, लेकिन उतनी ही लचीली कार्रवाई धरातल पर नजर आती है.

Madhubani News : मधुबनी.

विभागीय गाइड-लाइन कागज पर सख्त दिखती है, लेकिन उतनी ही लचीली कार्रवाई धरातल पर नजर आती है. राज्य परिवहन विभाग के सचिव ने 14 नवंबर 2023 को जुगाड़ गाड़ियों के परिचालन पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश डीएम, एसएसपी, यातायात एसपी व डीटीओ को दिया था . बावजूद आज भी इसपर अमल नहीं किया जा सका है. यह गाड़ी धड़ल्ले से धुआं उड़ाती, प्रदूषण फैलाती नो इंट्री में बेरोक-टोक सड़क पर दौड़ रही है. जुगाड़ गाड़ी को छोड़ अन्य वाहन चालकों से हेलमेट, सीट बेल्ट, बीमा, पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस व प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं रहने पर लाखों के जुर्माने की वसूली की जा रही है. लगभग तीन वर्ष पूर्व राज्य परिवहन सचिव स्तर से जारी पत्र में कहा गया था कि जुगाड़ वाहन मोटर यान अधिनियम, केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली व बिहार मोटरयान नियमावली के किसी भी धारा अथवा नियम में वर्णित मानकों को पूरा नहीं करती है.

यह जुगाड़ गाड़ियां मुख्य रूप से डीजल पंपसेट, मोटरसाइकिल हैंडल और माल ढोने वाले रिक्शा-ठेले की बॉडी को जोड़कर बनायी जाती है. इस तरह के वाहनों से विभागीय नियमों अधिनियमों की खुली अवहेलना होती है. साथ ही ट्रैफिक का प्रवाह भी अवरुद्ध होता है. इससे आमलोगों को अत्यधिक कठिनाई होती है. इन जुगाड़ वाहनों का पंजीकरण, परमिट, बीमा, फिटनेस या प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं रहता है. साथ ही इन वाहनों के अधिकांश चालक अप्रशिक्षित होते हैं. ऐसे वाहनों से दुर्घटना होने पर प्रभावित व्यक्ति या वाहन मालिक को क्षतिपूर्ति का भुगतान भी नहीं मिल पाता है. इस वाहन के सड़क पर दौड़ने से संभावित दुर्घटना के साथ-साथ वायु प्रदूषण फैलता है.

50 से 75 हजार में तैयार हो जाती गाड़ी

शहर में गाड़ी निर्माणताओं ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि 50 से 75 हजार में यह गाड़ी सड़क पर दौड़ने के लिए बनकर तैयार हो जाती है. इस वाहन के निर्माण में अच्छी आमदनी होती है. इसके लिए अलग से किसी भी विभाग से निबंधन की जरूरत नहीं है.

कम किराया भी दे रहा बढ़ावा :

जुगाड़ वाहन के चालक ने कहा कि इससे तीन तरह के फायदे हैं. प्रथम दुकान में मजदूर का काम करते हैं. दूसरा इस वाहन से माल ढोते हैं. तीसरा वाहन का पंजीकरण, परमिट, बीमा, फिटनेस या प्रदूषण प्रमाण पत्र व नो एंट्री का झंझट नहीं रहता है. थ्री व्हीलर चलाने से अच्छा है जुगाड़ गाड़ी चलाना. आमदनी अच्छी हो जाती है. वहीं भवन निर्माण सामग्री दुकानदार ने बताया कि जुगाड़ वाहन की तुलना में चार चक्का अथवा थ्री व्हीलर वाहन के माल ढोने का किराया अधिक होता है. इस वाहन के चालक से फायदा यह होता है कि इन चालकों से मजदूर का भी काम ले लेते है. दुर्घटना होने की स्थिति में सिर पर जवाबदेही भी नहीं रहती है.

वाहन होगे जब्त, चालक पर होगी कार्रवाई :

जिला परिवहन पदाधिकारी राम बाबू ने कहा कि राज्य परिवहन विभाग सचिव का पत्र प्राप्त हुआ है. एमवीआव, पुलिस प्रशासन, यातायात थाना के साथ संयुक्त रूप से अभियान चलाकर इन वाहनों के संचालन पर रोक लगाने को कहा गया है. साथ ही वाहन जब्त कर चालक के विरुद्ध कार्रवाई कर जुर्माना वसूल किया जायेगा. ऐसे वाहनों के मंजूरी का प्रमाण पत्र भी विभाग से निर्गत नहीं किया जाता है. रोजगार से जुड़ने के इच्छुक लोग चाहे तो मुख्यमंत्री प्रखंड परिवहन योजना व ग्राम परिवहन योजना के तहत आवेदन कर वाहन खरीदकर रोजगार शुरू कर सकते हैं. इन योजनाओं में अनुदान भी दिया जा रहा है.

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Published by: Gajendra kumar

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