मधुबनी: झंझारपुर निबंधन कार्यालय में दस्तावेज नवीसों का असहयोग आंदोलन 8 अक्टूबर तक जारी रहेगा. झंझारपुर दस्तावेज नवीस संघ की बैठक में यह निर्णय लिया गया. संघ का कहना है कि जब तक हाईकोर्ट का फैसला नहीं आता, वे निबंधन कार्य से अलग रहेंगे.
कातिबों के काम बंद करने से रजिस्ट्री से जुड़े छोटे कारोबारियों पर भी असर पड़ने लगा है. रजिस्ट्री परिसर में चाय-नाश्ता और होटल चलाने वाले दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक नहीं आने से उनका कारोबार ठप हो गया है. वहीं, दस्तावेज नवीसों के मुंशी भी लंबे समय से काम नहीं मिलने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं. इस बीच जमीन की रजिस्ट्री का आंकड़ा भी लगातार घट रहा है.
6 याचिकाएं न्यायालय में दायर
जिला उपाध्यक्ष भरत कुमार ठाकुर ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा अचानक पेपरलेस और ओटीपी आधारित निबंधन व्यवस्था लागू करने, आधार लिंक सहित अन्य मुद्दों को लेकर छह याचिकाएं न्यायालय में दायर की गई हैं. सभी मामलों को क्लब कर दिया गया है.
संघ अब 8 अक्टूबर को उच्च न्यायालय में होने वाले फैसले का इंतजार कर रहा है. फैसले के बाद आगे की रणनीति तय की जायेगी.
बैठक में कई कातिब रहे मौजूद
बैठक में शाखा सचिव सुरेंद्र मोहन दास, शाखा अध्यक्ष बौएलाल यादव, जिला उपाध्यक्ष भरत कुमार ठाकुर, लक्ष्मी नारायण महतो, अभय शंकर महतो, तेज नारायण यादव, प्रेमचंद प्रसाद, वारिस लाल पासवान, रामेंद्र कुमार, रमन कुमार, कैसर रहमान सहित कई कातिब मौजूद थे.
